महाराष्ट्र में मंत्रियों के विभाग बंटते ही शिवसेना में मचा घमासान

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महाराष्ट्र में सत्ता को लेकर चल रही सियासी खीचतान के बाद उद्धव सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा हो गया हैं. जिसके बाद शिवसेना के नेताओं  में जगह न मिलने की वजह से नाराजी जताई जा रही हैं. दरअसल एनसीपी और कांग्रेस के नेताओ को उद्धव सरकार में अहम मंत्रालय मिलने की वजह से अब शिवसेना के नेताओं में इसकेलिए नाराजगी हैं. जिसकी वजह से शिवसेना के नेताओं का कहना हैं कि उनको कम ओहदे वाले पद दिए गए है जबकि कांग्रेस और एनसीपी को सभी अहम पद दिए गए है. जिसकी वजह से शिवसेना के नेता मंत्रालयों के बटवारे से खुश नहीं हैं.

बता दें गृह,रेवेन्यू ,वित्त ,हाउसिंग ,पब्लिक वर्क और वाटर रिसोर्स जैसे सभी अहम पद एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं को दिए गए हैं और आदित्य ठाकरे को पर्यटन और पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है. दरअसल शिवसेना के कुल 14 नेताओं को ही मंत्रालय दिया गया हैं. जिसमें 3 नेताओं को स्वतंत्र प्रभार दिया गया हैं.

शिवसेना के इस फैसले से पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत भी नाखुश है. बता दें संजय राउत के विधायक भाई सुनील राउत को मंत्रालय में जगह न मिलने से नाराज है. वहीं पूर्व सरकार में मंत्री रही शिवसेना के नेता दिवाकर रावते, रामदास कदम, रवींद्र वायकर, दीपक केसरकर को भी मंत्री पद नहीं मिला. जिसके कारण इनमें भी नाराजगी हैं. इसके अलावा प्रताप सरनाईक,प्रकाश अबिटकर और आशीष जायसवाल भी पद न मिलने से नाराज हैं. इसके साथ ही देवेन्द्र फडणवीस की सरकार में मंत्री रहे तानाजी सावंत को भी सरकार में मंत्रिपद न मिलने की वजह से नाराजी देखी जा रही है इससे पहले भी उद्धव सरकार से मिलकर तानाजी सावंत ने इसके लिए नाराजगी जतायी थी.

उद्धव सरकार के मंत्रालय में एनसीपी के नेता अनिल देशमुख को गृह मंत्रालय और अजित पवार को वित्त मंत्रालय दिया गया हैं. वहीं शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे को पर्यटन और पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है. पूर्व सीएम अशोक चव्हाण को शहरी विकास मंत्रालय दिया गया. इसके साथ ही कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोराट को राजस्व मंत्रालय दिया गया है.