हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गये है और इन नतीजों ने सरकार और विपक्ष को अपना सन्देश भी दे दिया है. चुनाव में कई तरह के उम्मीदवार उतरे थे कुछ जमीनी स्तर के नेता थे तो कुछ सेलिब्रिटी.. कुछ सीधे चुनावी मैदान में उतरे थे तो कुछ सालों से संघर्ष करने के बाद चुनावी रण में पहुंचे थे.. लेकिन कुछ नेताओं को चुनाव लड़ने जैसा सौभाग्य काम अपने खानदान की वजह से भी मिला है.. आइये हम आपको दिखाते हैं कि कौन से कौन से उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके पिता राजनीति में हैं और इस बार उनकी किस्मत का फैसला जनता ने किया है और किस रूप में किया है.

सबसे पहले बात करते हैं महाराष्ट्र के सबसे चर्चित उम्मीदवार.. आदित्य ठाकरे.. यूँ तो ठाकरे परिवार की पार्टी शिवसेना सालो से चुनाव लड़ती और जीतती आई है लेकिन अभी तक ठाकरे परिवार से कोई भी चुनाव नही लड़ा था ऐसे में ठाकरे खानदान से आदित्य ठाकरे को मुंबई के वरली सीट से मैदान में उतारा गया था. आदित्य ठाकरे को जीत मिली है. 

लातूर से कांग्रेस के बड़े नेता विलासराव देशमुख के बेटे अमित देशमुख ने जीत हासिल की है. गौरतलब है कि अपने भाइयों के लिए रितेश ने भी प्रचार कर समर्थन मांगा था.  अमित देशमुख प्रदेश सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं. वह 21 वर्ष की उम्र से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे. 2002 से 2008 तक युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे..

लातूर ग्रामीण सीट से कांग्रेस के दिवंगत नेता विलासराव देशमुख के बेटे धीरज देशमुख ने भी जीत हासिल की है. आपको बता दें कि धीरज देशमुख अमित देशमुख और रितेश देशमुख तीनों भाई है. रितेश बॉलीवुड में ही काम कर रहे हैं.

कर्जत जामखेड से शरद के पोते रोहित पवार चुनावी मैदान थे. यहाँ से रोहित को जीत मिली है. शरद पवार एनसीपी के अध्यक्ष हैं और केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं.

परली विधानसभा सीट से पंकजा मुंडे को हार का सामना करना पड़ा है. पंकजा मुंडे बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी है. उन्हें उनके चचेरे भाई धनंजय मुंडे ने मात दी.

नारायण राणे के बेटे नितेश राणे को कणकवली सीट से जीत हासिल हुई है नितेश राणे कुछ दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हुए थे.

पलसू काडेगाव सीट से विश्वजीत कदम चुनाव जीतने में कामयाब हुए है. विश्वजीत के पिता पतंगराव कदम है. इन्होने कांग्रेस की सीट से चुनाव जीतने में कामयाबी हासिल की है.

कांग्रेस के बड़े नेता छगन भुजवल के बेटे ने भी इस चुनाव में अपनी जीत दर्ज करवा दी है .पंकज भुजवल नंदगाव सीट से चुनाव जीतने में कामयाब हुए है.

अब बात करते हैं सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्राणिति शिंदे की. जिन्होंने सोलापुर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं.

उचाना कलां से ओम प्रकाश चौटाला के पौत्र दुष्यंत चौटाला ने ना की जीत दर्ज की है बल्कि हरियाणा के नतीजों के समीकरण को बदलकर रख दिया है. दरअसल हरियाणा में किसी को भी बहुमत नही मिला है वहीँ दुष्यंत चौटाला की पार्टी किंग मेकर की भूमिका में सामने आई है

तो ये रहे नेताओं के बेटे जो इस चुनाव के मैदान में उतरे थे, जीत या हार हासिल किये