महाराष्ट्र से पहले भी आधी रात को फैसले ले चुके हैं पीएम मोदी-अमित शाह, सबको कर दिया था हैरान

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महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम जितनी जल्दी बदल रहे है.उससे किसी को ये समझ नही आ रहा है कि आगे क्या होने जा रहा है या क्या होने वाला है. दरअसल शनिवार सुबह-सुबह खबर मिली कि देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री और अजीत पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके है. ये खबर जितना चौकाने वाली थी उससे ज्यादा एनसीपी और शिवसेना को परेशान कर देने वाली. सबके मन में यही सवाल था कि कैसे बीजेपी रातो रात सेटिंग कर अजीत पवार को साथ लेकर सरकार बनाने में कामयाब हो गयी. हालाँकि एक बात तो ये कही जा सकती है कि इसकी पूरी जानकारी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व यानी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को जरूर रही होगी. तो आये आज हम आपको मोदी-शाह के कुछ ऐसे फैसलों के बारे में आपको बताते है जिन्होंने सबको हैरान कर दिया.

सबसे पहला तो महाराष्ट्र ही है. जहाँ रात तक शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी सरकार बनाने का दावा कर रही थी.. शिवसेना अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही थी वहीँ सुबह होते होते देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देखे गये.

इससे पहले भी गोवा में भी कुछ इसी तरह की स्थिति सामने आई थी जहाँ आधी रात तक सियासी ड्रामा चल रहा था. 17 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनाकर उभरी थी.. ऐसे में उम्मीद तो यही थी कि कांग्रेस यहाँ सरकार बनाएगी लेकिन अचानक में नितिन गडकरी सक्रीय हए और उन्होंने 13 सीट जीतने वाली बीजेपी की सरकार खड़ी कर दी. बीजेपी ने निर्दलीय विधायकों का समर्थन लेकर गोवा में सरकार बनाई और मनोहर पर्रिकर यहाँ के मुख्यमंत्री बनाए गए थे.

मणिपुर में कुछ ऐसा ही हुआ था.. मणिपुर में साल 2017 में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आये तो यही लग रहा था कि कांग्रेस यहाँ सरकार बना सकती है क्योंकि 60 सीटों वाले मणिपुर में 28 सीटें कांग्रेस को और 21 सीट बीजेपी को मिली. लेकिन अचानक से रातों रात पूरा समीकरण बदल गया.. यहां भी बीजेपी ने दूसरी पार्टियों से गठबंधन करके सरकार बनाई और पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी एन बीरेन सिंह को यहां का मुख्यमंत्री बनाया गया.

28-29 दिसम्बर 2016 की रात भारतीय फौज ने जब सीमा पार कर पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किया था तो पूरी दुनिया हैरान थी. सितंबर 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी में इंडियन आर्मी के कैंप पर आतंकी हमले के बाद देश में जबर्दस्त गुस्सा था. पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग की जा रही थी . तब प्रधानमंत्री मोदी और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने मिलाकर सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई और ऑपरेशन सफल साबित हुआ.. सुबह जब सबको पता चला कि भारत ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया है तो सब भौच्च्के रह गये थे.


ठीक सर्जिकल स्ट्राइक की तरह भारत ने 26 फरवरी 2019 पीओके में एयर स्ट्राइक को भी अंजाम दिया था. 26 फरवरी की रात मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था. ये स्ट्राइक भी रात में अंजाम दी गयी थी.

एक जुलाई 2017 को देश में जीएसटी लागू कर दिया गया था. इसे लागू कराने के लिए मोदी सरकार ने पूरी ताकत लगा दी थी.राज्यसभा में लगातार पञ्च घंटे तक बहस हुई थी. GST को 30 जून 2017 की रात में संसद के सेंट्रल हॉल में एक शानदार समारोह का आयोजन कर लागू किया गया था.

मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग को आरक्षण देकर भी सबको चौका दिया था. 7 जनवरी 2019 को सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया किया था. आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण देने के लिए विधेयक में संशोधन के लिए आधी रात तक संसद में कार्यवाही चली थी.

8 नवम्बर 2016 का दिन शायद ही कोई भूल पाए. आठ नवम्बर को रात आठ बजे प्रधानमन्त्री मोदी ने अपने संबोधन के जरिये रात 12 बजे के बाद से 1000 और 500 के नोट पर पाबंदी लगा दी थी , यानी चलन से बाहर कर दिया था. ये फैसला मोदी सरकार के चौकाने वाले फैसलों में से एक था.


इस तरह आप समझ ही गये होंगे कि रातों रात बाजी पटलने में कितने माहिर है प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह!
हालाँकि महाराष्ट्र में अभी भी स्थिति पूरी तरह से साफ़ नही हो पायी है क्योंकि एनसीपी का दावा है कि उसके 5 विधायक ही ऐसे है जिनसे सम्पर्क नही पा रहा है. दूसरी तरह बीजेपी का कहना है कि बहुत साबित कर लेगी. हालाँकि अब पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच चूका है. सोमवार को इस पर फिर सुनवाई होने वाली है इसके बाद ही महाराष्ट्र की सरकार को लेकर कुछ कहा जा सकता है हालाँकि सियासी ड्रामा अभी भी चालू है.