इस ट्रेन की एक सीट पर विराजमान है भगवान शिव, पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखा कर किया रवाना

1466

आम तौर पर ट्रेन में सिर्फ इंसानों के लिए सीटें आरक्षित होती है. लेकिन भारत में एक ट्रेन ऐसी भी है जिसमे भगवान के लिए एक सीट आरक्षित है. जी हाँ, आपने सही सुना. बनारस से इंदौर तक जाने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस में भगवान शिव के लिए एक सीट आरक्षित की गई है और वो इस सीट पर हमेशा विराजमान रहेंगे. पीएम मोदी ने रविवार को बनारस से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. यह ट्रेन, बनारस, मथुरा,  उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, इंदौर व भोपाल घूमने का मौका देगी. आईआरसीटीसी ने यात्रियों के लिए कई आकर्षक पैकेजों की घोषणा की है.

काशी महाकाल एक्सप्रेस में कोच बी5 की सीट नंबर 64 को मंदिर का रूप दे कर उसे सजाया गया है और इस सीट पर भगवान शिव विराजमान हैं.  यह ट्रेन 20 फरवरी से शुरू होगी. लेकिन ट्रेन में भगवान शिव को बैठाने को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने महाकाल एक्‍सप्रेस को हरी झंडी दिखाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर पीएम मोदी को भारतीय संविधान के प्रस्‍तावना की याद दिलाई है.

ओवैसी ने सीधे सीधे तो कुछ नहीं कहा लेकिन इशारों इशारों में ट्रेन की सीट पर महादेव को बैठाने पर आपत्ति जताई है. उन्होंने पीएम मोदी को टैग करते हुए संविधान की प्रस्तावना ट्वीट किया जिसमे लिखा है कि भारत एक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्र राष्ट्र है. उन्होंने इशारों इशारों में कह दिया कि रेलवे का ये कदम भारत के संविधान के मूल भावना के खिलाफ है.