मध्यप्रदेश में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप, सभी आरोपी फरार

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चाहे सरकार कितना भी महिलओं की सुरक्षा को लेकर दावा कर ले, चाहे कितनी भी रिपोर्ट पेश कर ले लेकिन हकीकत इसके बिलकुल उलट है. कमलनाथ सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुवात में डींगे हांकी थी कि वो महिलओं की सुरक्षा के लिए कड़े नियम और कानून बनाएँगे. लेकिन ऐसा कुछ होता दिख नही रहा है. वहां की महिलाओं की स्तिथि और भयावय होती जा रही है. मध्य प्रदेश के रतलाम से एक 14 साल की नाबालिग लड़की पिंकी के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है. रतलाम की सैकड़ों लडकियां हिम्मत करके उस लड़की को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतर आईं. पीड़िता के समर्थन और आरोपियों की तुरंत गिरफ़्तारी के लिए हुए मार्च में लड़कियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएम से मिलने की माँग की है.

opindia की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की के क्लास के ही दो लड़कों उस्मान और अहमद ने उसका बलात्कार किया. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पीड़ित लड़की को उसके फ़ोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे और इसके बल पर उससे कई बार पैसे लिए जाने की भी बात सामने आई है. पीड़ित लड़की डर के मारे उनका मुँह बंद रखने के लिए उनकी माँगें पूरी करने लगी. उसके बाद आरोपियों में से एक ने 9 सितंबर 2019 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अकेली पीड़िता को कथित तौर पर फ़ोन कर उसके घर आने की बात कही. उसके बाद उसने और उसके दोस्त ने पीड़िता के घर में ही उसके साथ बलात्कार किया. वो यही नही रुके इसके बाद भी उन लडको ने पीड़ित लड़की को होटल बुलाकर भी वही घटना दोहराई.

जब पीड़िता की तबियत खराब होने लगी तब उसने अपने माता-पिता को इस मामले के बारे में बताया. इसके बाद पीडिता के घरवालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक मामला क्षेत्र के नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज कर लिया है. फिलहाल दोनों आरोपी फरार है और उनकी तलाश जारी है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार विरोध प्रदर्शन तेज़ बारिश के बावजूद भी जारी रहा. इस बीच स्कूल प्रबंधन का कहना है कि दोनों आरोपी छात्र कुछ दिनों से स्कूल से फरार हैं. स्कूल ने उन्हें निष्कासित करने का निर्णय ले लिया है. आपको बता दे कि पीड़िता और आरोपी मध्य प्रदेश के St. Joseph’s Convent School के बताए जा रहे हैं. लेकिन क्या सिर्फ स्कूल से निष्कासित करने से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध बंद हो जायेंगें, सरकार अपने वोट बैंक को लुभाने के चक्कर में इतने जयघन्य अपराधों पर भी कोई ठोस कार्यवाई करने से कतराती है और इनके इसी रवैए ने 70 सालों में इस देश कि औरतों और बच्चों के लिए डर का माहौल पैदा कर दिया है. और तो और इस पूरे वाकिये पर मीडिया भी चुप्पी साध कर बैठी है, अगर यही अपराध किसी जातिगत या धार्मिक एंगल से किया जाता तो अभी तक कैंडल मार्च निकल चुके होते, बॉलीवुड प्लेकार्ड ले कर सोशल मीडिया पर पहुँच जाता. इस तरह के अपराधियों पर जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. हमारे देश में इस तरह की घटनाएँ बढ़ती जा रही है इस पर रोक लगाने के लिए अरोपियों पर बेहद कड़ी कार्रवाई की जरूरत है.. जिससे उनके अंदर कानून का डर पैदा हो और इस तरह की घटना को अनजान देने से पहले उन्हें सौ बार सोचना पड़ें.