कोरोना की वजह से कमलनाथ सरकार को मिला जीवनदान, अब भाजपा ने उठाया ये कदम

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सियासत चाहे किसी भी देश या राज्य की हो. एक बार अगर उसमे फू’ट पड़ जाये तो उसे सं’भालना मु’श्किल होता है. कुछ ऐसा ही हाल है मध्य प्रदेश सरकार का भी. जहां एक साथ 22 विधायकों ने अपने इ’स्तीफे दे, जिसके बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में सं’कट और बढ़ गया है. सही भी है अगर किसी की फ़ौ’ज ही ख’त्म हो जाए तो अकेला राजा लड़ेगा भी कैसे. खैर यह तो वक्त ही बताएगा कि मध्य प्रदेश की राजनीति और क्या नए नए मोड़ लेती है.

दरअसल हुआ यह है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी के खि’लाफ मो’र्चा खोल दिया था. जिसके बाद पार्टी के 22 सदस्यों ने कांग्रेस का दा’मन छोड़ दिया. जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने राज्यपाल के सामने फ्लोर टेस्ट के लिए प्र’स्ताव रखा था. जिसके बाद 16 मार्च यानी आज फ्लोर टेस्ट होना था. लेकिन विधानसभा की कार्यवाई को 26 मार्च तक के लिए टाल दिया गया है. और राज्यपाल लालजी टंडन ने विधायकों को नि’यमों का पा’लन करने के लिए कहा है. इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान की तरफ से स’र्वोच्च अ’दालत में याचि’का दा’यर की गई है. जिसके बाद यह रा’जनितिक घमा’सान कौनसा नया तू’ल पकड़ेगा यह तो वक्त ही बतायेगा.

गौरतलब है 22 विधायकों के इस्ती’फे के बाद से कमलनाथ सरकार के ऊपर सं’कट और बढ़ गया है. वहीं फ्लोर टेस्ट की तारीफ अभी कुछ समय के लिए टल जरुर गयी है. लेकिन इससे कमलनाथ सरकार की मु’श्किले कम नहीं हुई है. जिसके बाद अब यह देखना होगा कि 26 मार्च को विधानसभा की कार्यवाई में कमलनाथ के लिए कुछ सकारा’त्मक होता है या नहीं . क्या उनको अब अपनी ग’द्दी से हाथ धोना पड़ेगा या नहीं.