कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट ने दिया जोरदार झ’टका, दिया ये आदेश

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मध्य प्रदेश का सियासी ब’वाल अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है. आये दिन मध्य प्रदेश में कोई ना कोई सियासी मोड़ आ जाता है. कमलनाथ को सत्ता जाने का ड़र सता रहा है. जिसकी वजह से वो फ्लोर टेस्ट नही करवाना चाहते हैं. दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह और कमलनाथ भाजपा पर आ’रोप लगाते हैं कि वो विधायक की ख’रीद-फरो’क्त करते हैं. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि कमलनाथ खुद ये काम करने में लग गये हैं. तभी तो फ्लोर टेस्ट करवाने से क’तरा रहे हैं.

मध्य प्रदेश में अगर आज की बात करें तो एक बार फिर बहुमत परी’क्षण के म’सले पर सुप्रीम कोर्ट में सु’नवाई चल रही है. भारतीय जनता पार्टी के नेता शिवराज सिंह चौहान ने अदालत से जल्द फ्लोर टेस्ट करवाने की गुहा’र लगाई है. बुधवार की सुनवाई में SC ने MP विधानसभा स्पीकर पर क’ड़ा रु’ख अपनाया और 16 विधायकों के इ’स्तीफे ना स्वीकारने का कारण पूछा. अदालत से इतर भोपाल और बेंगलुरु में भी MP का सियासी ड्रामा अपने चरम पर है.

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भाजपा को घे’रने के लिए कर्नाटक राज्य की दलील दी. लेकिन इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘कर्नाटक के आदेश स्पीकर के अधिकार क्षेत्र में द’खल नहीं देता कि वो कब तक अयोग्यता पर फैसला लें, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि फ्लोर टेस्ट न हो. कर्नाटक के मामले में अगले दिन फ्लोर टेस्ट हुआ था और कोर्ट में विधायकों की अयो’ग्यता के मामले को लं’बित होने की वजह से फ्लोर टेस्ट नहीं टाला था.’

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का मध्य प्रदेश में जो सि’यासी ड्रामा कर रहे हैं वो ज्यादा दिनो तक चल पाना मुश्किल हैं. क्योंकि कमलनाथ की सरकार अल्प’मत में है. जबसे सिधिंया ने कांग्रेस का साथ छोड़ा है. तो ये पक्का है कि मध्य प्रदेश का सियासी ना’टक जो कमलनाथ खेल रहें है वो कुछ दिन का ही महमान है.