मध्य प्रदेश का सियासी ब’वाल अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है. आये दिन मध्य प्रदेश में कोई ना कोई सियासी मोड़ आ जाता है. कमलनाथ को सत्ता जाने का ड़र सता रहा है. जिसकी वजह से वो फ्लोर टेस्ट नही करवाना चाहते हैं. दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह और कमलनाथ भाजपा पर आ’रोप लगाते हैं कि वो विधायक की ख’रीद-फरो’क्त करते हैं. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि कमलनाथ खुद ये काम करने में लग गये हैं. तभी तो फ्लोर टेस्ट करवाने से क’तरा रहे है.

मध्य प्रदेश में सि’यासी घ’मा’सान के बीच आज फिर फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुन’वाई जारी है. कल भी इस मामले में सुनवाई हुई थी. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘जो’ड़तोड़ को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए, जल्द फ्लोर टेस्ट हो. सिंघवी ने दो हफ्ते का वक्त मांगा है. स्पीकर की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक ‘सिंघवी ने द’लीलें देते हुए कहा कि अदालत बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए उन्हें दो सप्ताह जितना पर्याप्त समय दे. जिसपर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यदि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बा’गी विधायकों से बात होगी तो क्या उनके इस्तीफे स्वीकार हो जाएंगे तो सिंघवी ने कहा कि यह संभव नहीं है.

सिंघवी ने कोर्ट में कहा है कि स्पीकर के ऊपर फैसला छोड़ दें. ताकि कांग्रेस पार्टी विधायकों की ख’रीद फ’रोक्त कर सकें. कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का मध्य प्रदेश में जो सि’यासी ड्रामा कर रहे हैं वो ज्यादा दिनो तक चल पाना मुश्किल हैं. क्योंकि कमलनाथ की सरकार अल्प’मत में है. जबसे सिधिंया ने कांग्रेस का साथ छो’ड़ा है. तो ये पक्का है कि मध्य प्रदेश का सियासी ना’टक जो कमलनाथ खेल रहें है वो कुछ दिन का ही महमान बचा है.