भारत-चीन सीमा पर जारी रहेगी सैन्य और कूटनी’तिक माध्य’मों से बातचीत: सूत्र

भारत और चीन के मध्य सीमा वि’वाद को लेकर आज दोनों देशों के बीच बातचीत हुई है. दरअसल 1 महीने से दोनों ही देशों में त’नातनीं का माहौल बना हुआ है. साथ ही मई 5 मई को हुई दोनों देशो  के सैनिकों की हिंस’क झड़’प के बद स्थिति और भी नाजु’क हो गयी है. जिसके बाद अब भारत और चीन ने इस मसले को बातचीत के जरिये सुलझाने का प्रयास किया है.

बात दें इससे पहले भी कई स्तर पर दोनों ही देश की तरफ से बातचीत की गयी थी. लेकिन कोई हल नहीं निकला उस बातचीत से जिसके बाद बड़े स्तर पर ये बैठक हुई है. जिसमें भारत की तरफ से लेह स्थित 14वीं कोर के जनरल कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने ने’तृत्व किया वही सूत्रों से मिली जानकारी के बाद भारत-चीन सीमा पर मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारत और चीन के अधिकारी त’यशुदा सैन्य और कूटनी’तिक माध्य’मों से जुड़ना जारी रखेंगे.

जाहिर है. पिछले महीने चीन की तरफ से सीमा पर सै’न्य ता’कत बढ़ाये जाने के बाद भारत ने भी फैसला किया कि वो भी पैंगोंग सो, गलवान वैली, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी जैसे सभी विवा’दत जगहों पर चीन की आक्रामक’ता से नि’पटने के लिए भारतीय सैनिक मजबूत रु’ख अपनाएंगे. वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सैटलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन ने एलएसी से सटे इ’लाकों में बड़े पैमाने पर डि’फेंस इन्फ्रा’स्ट्रक्चर बढ़ाया है और इसमें पैंगोंग सो इलाके से करीब 180 किलोमीटर दूरी पर मिलिटरी एयरबेस का आधुनिकी’करण भी शामिल है.

गौरतलब है दोनों देशों के बीच तना’व कम होने का नाम नहीं ले रहा है वही चीन भी हर दिन नयी नयी चाल चलने से बाज नहीं आ रहा है. ऐसे में भारत की तरफ से क’ड़क रुख अपनाते हुए मामले पर विचार करना बेहद जरुरी है.