कॉंग्रेस ने इस नेता को लोकसभा का टिकट देकर अपने इरादों को साफ़ कर दिया है!

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लोकसभा चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी है.. सभी पार्टियाँ अपने अपने चुनाव प्रचार में लग चुकी है.. आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चूका है.. कांग्रेस की तरफ से गुरूवार 7 मार्च को 15 लोकसभा उम्मीदवारों के नाम का एलान हो गया.जिसमें से तो 11 उत्तर प्रदेश से ही हैं. इस लिस्ट में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को टिकट तो मिला ही है लेकिन इसी के साथ कुछ ऐसे लोगों को भी टिकट मिला है जो अपने आप में ही एक विवाद हैं.. पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी की बोटी-बोटी कर देने की धमकी देने वाले इमरान मसूद को लोकसभा का टिकट देकर कांग्रेस ने अपनी नीति स्पस्ट कर दी हैं. विपक्ष के नेताओं को गाली दो, बोटी बोटी करने की धमकी दी, लोगों को भडकाओ और प्रमोशन पाओ.. ऐसा ही कुछ हुआ इमरान मसूद के साथ… ये विडियो देखिये

आपने विडियो में देखा कि उस समय प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के लिए इमरान मसूद कैसी भाषा का प्रयोग कर रहा है.. इसके बाद अब इसे प्रमोशन दिया गया था. अगर अब इसे लोकसभा चुनाव का टिकट मिल जाए तो हैरान होने वाली बात नही है… इमरान मसूद जैसे नेताओं को टिकट देकर कांग्रेस ने ये साबित कर दिया है कि मोदी के खिलाफ जो जितनी बड़ी जुबान खोलेगा उसे उतने जल्दी प्रमोशन मिलेगा..

राजाराम पाल दिसंबर 2005 में एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन का शिकार बने थे। पाल उन 11 सांसदों में शामिल थे जो सवाल पूछने के लिए पैसे लेते हुए कैमरे में कैद हुए थे। राजराम पाल पर संसद में पैसा लेकर सवाल पूछने का आरोप लगा था. उस दौरान राजाराम पाल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद थे. बसपा से निष्काषित किये जाने के बाद राजाराम पाल कांग्रेस में शामिल हो गये थे… अब पैसा लेकर सवाल पूछने वाले नेता, और सदन में अपने सवालों की बोली लगाने वाले राजाराम पाल को कांग्रेस ने टिकट दिया है..आखिर कांग्रेस इतनी मजबूर क्यों हो गयी है? वहीँ रायबरेली से प्रियंका गाँधी के चुनाव लड़ने की संभावनाएं थी लेकिन यहाँ से अभी भी सोनिया गाँधी ही चुनाव लड़ेंगी.. अमेठी से राहुल गाँधी, फर्रुखाबाद से सलमान खुर्शीद…मतलब कांग्रेस ने अपनी पारम्परिक सीटों पर अपने नेताओं की सीट तो पक्की कर दी है.. वहीँ खबर मिल रही हैं कि कांग्रेस का सपा बसपा गठबंधन के गठबन्धन करने पर भी बात चल रही हैं. महागठबंधन भी बनाया गया लेकिन बात बनती नही दिख रही… सभी पार्टियाँ किसी तरह गठबंधन कर इस चुनाव में अपने अस्तित्व को बचाने में लगी हुई है. यही हाल कांग्रेस का भी है. शायद यही वजह है कि कांग्रेस इमरान मसूद जैसे नेताओं को टिकट देने पर मजबूर हो गयी है.

 लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के खिलाफ महागठबंधन बनाने की कोशिश हुई. मोदी सरकार के विरोध में खड़ी लभगभ सभी पार्टियाँ इस महागठबंधन में शामिल हुई…लेकिन कांग्रेस को यहाँ से भी कोई ख़ास महत्व नही मिला.. राहुल गाँधी की बहन प्रियंका गाँधी की राजनीति में प्रत्यक्ष रूप से सक्रीय होने के लिए काफी समय मांग की जा रही थी.. प्रियंका गाँधी पार्टी में अधिकारिक रूप से शामिल हो गयी है… लखनऊ में एक रोड शो भी कर चुकी है लेकिन अभी भी कांग्रेस को जीत का भरोसा नही है.. खबर मिल रही है कि कांग्रेस अभी भी सपा और बसपा के गठबंधन में शामिल होना चाहती है…

 हालाँकि कुछ बात तो जरुर जिसकी वजह से कांग्रेस ऐसे नेताओं की टिकट दे रही हैं जो अपने आप में ही एक विवाद हैं.