आजम खान की गलती के बचाव में ये क्या बोल गये अखिलेश यादव, बढ़ी परेशानी

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कहा जाता है ना कि एक सच को छुपाने के लिए इंसान ना जाने कितने झूठ बोल जाता है ठीक उसी तरह किसी की गलती को सही साबित करने के चक्कर में लोग ना जाने कितनी गलती कर बैठते हैं. संसद में बहस चल रही हैं उपसभापति के तौर पर स्पीकर की कुर्सी पर रमा देवी बैठी हुई थी तभी आजम खान को बोलने के लिए आमंत्रित किया गया लेकिन उसके बाद जो हुआ उससे सदन में जमकर हंगामा हुआ और फिर अखिलेश यादव भी इसमें कूद पड़े और स्पीकर की डांट सुननी पड़ी.

दरअसल लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी से रामपुर सांसद आजम खान की एक टिप्पणी पर बवाल मच गया. आजम खान ने अपनी बात की शुरुआत एक शेर ‘तू इधर-उधर की ना बात कर…’ से की. लेकिन इस दौरान आजम खान इधर उधर देख रहें थे तभी उपसभापति ने उन्हें टोका कि चेयर यानि मुझे देखकर संबोधित करें.. दरअसल संसद में जब भी कोई सांसद बोलता है तो वो स्पीकर को संबोधित करता है. इसीलिए रमा देवी ने उन्हें टोका.. लेकिन इसके बाद जो आजम खान ने कहा, उस पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से हंगामा शुरू हो गया. जिस वक्त आजम खान बोल रहे थे तब स्पीकर की कुर्सी पर बीजेपी सांसद रमा देवी बैठी हुई थीं. इसको लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ. बीजेपी की तरफ से माफ़ी की मांग की गयी लेकिन आजम खान ने इससे इंकार कर दिया और कहा कि आप रिकॉर्ड चेक कर लीजिए, अगर मैंने कोई शब्द गलत कहा है तो अभी सदन से इस्तीफा देने को तैयार हूं. उन्होंने कहा कि मेरा लंबा संसदीय अनुभव रहा है, ऐसे अपमानित होकर बोलने से कोई फायदा नहीं है. ऐसा कहकर वह सदन से बाहर चले गए. इसके बाद आजम खान के बचाव में खुद अखिलेश यादव भी कूद पड़े आगबबूला अखिलेश यादव इतने आगबबूला हो गये थे कि उन्हें पता ही नही चला कि आजम खान की जिस गलती को लेकर बवाल हो रहा था वो भी उसी तरह की गलती कर बैठे.

दरअसल अखिलेश यादव आजम खान के बचाव में कुछ बोल रहें थे लेकिन तभी उनके मुंह से ऐसा कुछ निकल गया कि स्पीकर ओम बिडला माफ़ी मांगने के लिए बोलने लगे. अब यहाँ वही वाली बात सच हुई ना कि एक गलती को सही साबित करने के लिए लोग कई गलतियाँ कर बैठते हैं. खैर आजम खान के इस बयान पर सियासत तेज हो गयी है, सपा सांसद आजम खान की टिप्पणी पर खुद रमा देवी ने बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘आजम खान ने कभी महिलाओं की इज्जत नहीं की, हमें पता है उन्होंने जया प्रदा को लेकर क्या कहा था. उनको लोकसभा में रहने का कोई हक नहीं है. बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि मैं स्पीकर से उनको बाहर करने की मांग करूंगी. आजम खान को माफी मांगनी चाहिए.’ अब इस मामले में खुद जया प्रदा भी कूद पड़ी हैं. जया प्रदा का कहना है कि  आजम खान की यह आदत में शुमार हो चुका है. यह उनका पब्लिसिटी स्टंट है. कभी जयप्रदा के इनरवियर के बारे में बात करो, या उन पर ऊपर टिप्पणी कर दो…ऐसे आदमी को कैसे जनता ने चुनकर भेजा है यह सोचकर मुझे ताज्जुब है. रमा देवी महिला होने के साथ-साथ बुजुर्ग हैं. उनके लिए इस तरह की बात करना शर्मनाक है. लोकसभा स्पीकर के लिए आजम खान इस तरह की बात करते हैं वे सांसद हैं या रोमांटिक रोमियो….

अब आजम खान के साथ साथ खुद अखिलेश यादव भी इस बवाल में पिस रहें हैं. आजम खान का बचाव करना अखिलेश यादव को भारी पड़ सकता है. वैसे भी आजम खान इस समय बड़े मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने आजम खान भू माफिया घोषित कर दिया हैं. कई किसानों ने जमीन हडपने का आरोप आजम खान पर लगाया है. आजम खान यूनिवर्सिटी पर भी बुलडोजर चलने का खतरा बना हुआ और साथ ही कोर्ट ने करोडो का जुर्माना भी ठोका है. खैर आजम खान के लिए सदन में महिलाओं पर टिप्पणी का कोई नया केस है, ना ही ये नया है कि आजम खान विवादों में हो.. ये भी नया नही है कि आजम खान पर जमीन हडपने का आरोप लगा हो लेकिन आजम खान को बचाने के लिए अखिलेश यादव आगये आये.. हो सकता है अखिलेश यादव को इसका परिणाम भी झेलना पड़े क्योंकि अगर नेता ने गलती की है तो पार्टी अध्यक्ष को माफ़ी मागने के लिए कहना चाहिए ना कि उसे डिफेंड करना चाहिए!

खैर ये तो अखिलेश और आजम की राजनीति है लेकिन जनता को, आपको और हमें सोचना चाहिए कि ऐसे नेताओं के साथ हमें क्या करना चाहिए. क्या ऐसे नेताओं को दोबारा सदन में भेजना चाहिए? क्या ऐसे नेता जो बार बार महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करते हो और महिलाओं पर टिप्पणी करने वालों को बचाते हो ऐसे लोगों को सदन में पहुंचना चाहिए? सोचिये इस पर आपकी क्या राय है. कमेन्ट करके जरूर बताइये.