सदन में अतिक्रोधित हो गये अमित शाह, ‘बिल लाने की वजह सिर्फ कांग्रेस’

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सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पेश किया गया. इस बिल को लेकर राजनीति चरम पर है. विपक्ष लगातार सरकार से ये बिल ना पेश करने की बात कह रही है. हम्त्लब इस बिल का विरोध किया जा रहा है. हालाँकि जब इस पूरे मामले पर सदन में बहस हो रही थी उस वक्त विपक्ष हंगामा करने लगा. इस पर अमित शाह भड़क गये और उन्होंने कहा ये बिल ही कांग्रेस की वजह लाने की नौबत आई है.

दरअसल जब गृह मंत्री नागरिकता संशोधन बिल पर लोकसभा में बोल रहे थे, तभी विपक्ष बार बार अमित शाह के भाषण पर हंगामा कर रहा था. तभी अमित शाह ने कहा कि सरकार को पांच साल के लिए चुना है, हमें सुनना पड़ेगा. भारत से सटे तीन देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान का प्रमुख धर्म इस्लाम है. अफगानिस्तान का संविधान कहता है कि यहां का धर्म इस्लाम है, संविधान के मुताबिक, पाकिस्तान राज्य का धर्म भी इस्लाम है. पाकिस्तान, बांग्लादेश में मुसलमान पर अत्याचार होगा? ये कभी नहीं होगा.
तीनों देशों में अल्पसंख्यकों की धार्मिक प्रताड़ना होती है. कांग्रेस ने धर्म के आधार पर विभाजन किया. विभाजन नहीं हुआ होता तो इस बिल की जरूरत नहीं पड़ती. कांग्रेस ने हमें मजबूर किया. अगर कोई मुसलमान हमारे कानून के आधार पर अपील करता है तो उसे सुना जाएगा. चूंकि उनके साथ धार्मिक प्रताड़ना नहीं हुई है, इसी आधार पर ये बिल लाया गया है और छह धर्मों हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी नागरिकों को नागरिकता का प्रावधान किया गया है.

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दरअसल नागरिकता संशोधन बिल को लेकर विपक्ष का कहना है कि इससे देश में धर्म में हिन्दू मुसलमान होगा. गृह मंत्री अमित शाह ने शाह ने कहा कि तीन पडोसी देश जो इस्लामिक है. वहां पर हिन्दू, जैन, सिख आदि के साथ शोषण किया जाता है. उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है. ऐसे में भारत ही ऐसा देश है जो उनके साथ खड़ा होना चाहता है. अगर धर्म के आधार पर देश का विभाजन ना हुआ था तो आज इस बिल को लाने की जरूरत ना पड़ती.