लॉकडाउन से प्रभावित गरीबों और मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने किया पैकेज का ऐलान

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लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा परेशान गरीब और दिहाड़ी मजदूर हुए हैं. फैक्ट्रियां, कंपनियां, दुकाने और परिवहन बंद हो जाने से देश के लाखों गरीब और दिहाड़ी मजदूर एक झटके में बेरोजगार हो गए और उनको खाने की दिकक्तों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है. न केंद्र सरकार का ये पैकेज न सिर्फ गरीबों और मजदूरों के लिए है बल्कि उन स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी है जो अपनी जान पर खेल कर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं.

गरीबों के लिए निर्मला सीतारमण ने गरीब कल्याण योजना का ऐलान किया जिसके तहत गरीबों को 1.70 लाख करोड़ की मदद की जाएगी. वित्त मंत्री ने साथ ही बताया कि कोई गरीब भूखा न रहे, इसके लिए सरकार ने इंतजाम किए हैं. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों की संख्या आती है. केंद्र सरकार ने सुनिश्चित किया है कि एक भी व्यक्ति बिना भोजन के न रहे. हर व्यक्ति को 5 किलो चावल और गेहूं अतिरिक्त दिया जाएगा. यह तीन महीने तक दिया जाएगा. यह अतिरिक्त लाभ मुफ्त दिया जाएगा. गेहूं चावल के साथ एक किलो दाल भी दी जाएगी.

केंद्र सरकार ने किसानों, मनरेगा मजदूर, गरीब विधवा, गरीब दिव्यांग और गरीब पेंशनधारक, जनधन योजना, उज्जवला के लाभार्थी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, संगठित क्षेत्र के कर्मचारी और निर्माण में काम कर रहे लोगों के लिए कैश ट्रांसफर का ऐलान किया. ये कैश सीधे उनके अकाउंट में ट्रांसफर किये जायेंगे.

PM किसान सम्मान निधि की 2 हजार की किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. इसके जरिये 8 करोड़ 70 लाख किसानों को फायदा मिलेगा. मनरेगा के मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाकर 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है. जनधन महिला खाताधारकों को हर महीने 500 रुपये ट्रांसफर किये जायेंगे. इससे 20 करोड़ महिलाओं को लाभ मिलेगा.