इस बार एनडीए और लोजपा के बीच सीट शेयरिंग में संख्या के अलावा मनपसंद सीट को लेकर अटकी है बात, चिराग ने रखी ये शर्त

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बिहार चुनाव का बिगुल बच चुका है. पार्टियों नें अपने अपने बिसाब से चुनाव प्रचार भी शूरु कर दिया है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से ही नेताओं के दल बदलने का भी दौर शूरु हो गया है. आज बिहार चुनाव को लेकर पहले चरण की अधिसूचना जारी कर दी गई है. पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर को होना है. लेकिन अगर बात करें सीट शेयरिंग की तो अभी तक किसी भी दल में सीट को लेकर बात नही बन पाई है हर तरफ खींचतान मची हुई है.

बिहार में महागठबंधन की बात करें तो उनका कुनबा भिखरता जा रहा है. इसी कड़ी में एनडीए भी अब शामिल होता जा रहा है. एनडीए की बात करें तो लोजपा भी सीट शेयरिंग को लेकर नाराज़गी चल रही है. जानकारी के लिए बता दें की लोजपा सीट बंटवारे को लेकर जो मन पसंद सीट चाह रही है वो उसके नही मिल रही है. जहां तक ये एक सबसे बड़ी नारज़गी उभर कर सामने आई है. इस बार लोजपा सीट संख्या के साथ साथ अपने पसंद की भी सीट चाह रही है. जिसके बाद एलजेपी का एक बयान सामने आया है.

एलजेपी सूत्रों का कहना है कि उनका ज़ोर इस बार सीटों की संख्या के साथ साथ इस बात पर भी है कि उन्हें कौन कौन सीटें दी जा रही हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्हें जो भी सीटें दी जाएं वो उनके पसंद की हो. पार्टी सूत्रों ने दो दिनों पहले 27 सीटों की आई सूची का हवाला दिया है. सूत्रों का कहना है कि इस सूची में मात्र 10 सीटें ही पार्टी के पसंद की थी जबकि बाक़ी महज संख्या बढ़ाने के लिए दी गई थी और उनपर जितने की संभावना न के बराबर थी.