2004 से 2014 के बीच देश में बम ब्लास्ट की पूरी लिस्ट, इतने लोगों की हुई मौत!

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क्या आप जानते हैं कांग्रेस की सरकार रहते हुए देश में कितने आतंकी हमले हुए और कितने लोगों के शरीर के चीथड़े उड़ गये? साल 2004 से लेकर 2014 के बीच देश में कांग्रेस सरकार थी. और इस दौरान देश का अधिकतर कोना आतंकियों के हमले से दहल उठा था. याद है आपको? नही याद होगा क्योंकि हमें भूलने की बीमारी है लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि हम याद दिलाएं….तो अब सुनिए
1) 15 अगस्त , 2004 असम धिमजी स्कूल में बम ब्लास्ट 17 की मौत

2) 5 जुलाई 2005 आयोध्या में रामजन्मभूमि पर आतंकवादी हमला

3) 28 जुलाई 2005 जौनपुर श्रमजीवी एक्सप्रेस में ब्लास्ट 12 की मौत

4) 29 अक्टूबर 2005- दीपावली के त्योहार के दो दिन पहले दिल्ली के गोविंदपुरी की बस,पहाड़गंज और सरोजनी नगर के भीड़भाड़ वाले इलाके में सीरियल ब्लास्ट

5) 28 दिसम्बर 2005 को बैंगलोर के इंस्टीट्यूट आफ साइंस पर आतंकवादी हमला 1 मरे 4 घायल`

6) 7 मार्च 2006 – हिंदुओं की श्रद्धा के केंद्र वाराणसी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर और भीडभाड वाले कैंट रेलवे स्टेशन 11 की मौत 100 से ज्यादा घायल

7) 11 जुलाई 2006 मुंबई ब्लास्ट 209 की मौत 700 लोग घायल

8) 8 सितंबर 2006 मालेगाव ब्लास्ट 32 की मौत 300 से ज्यादा घायल, इसी केस में साध्वी प्रज्ञा को फंसाया गया जिन्हें बाद में कोर्ट ने बरी कर दिया.

ताज होटल मुंबई

9) 18 फरवरी 2007 को समझौता एक्सप्रैस में ब्लास्ट हुआ था इसमें 68 लोग मारे गए। 50 घायल

10) जुमे की नमाज के दौरान ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे

11) 14 अक्टूबर 2007 लुधियाने के एक सिनेमा हॉल में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 6 लोग की जान चली गई।

12) राजधानी के साथ दो प्रमुख धार्मिक नगर फैजाबाद और वाराणसी में 23 नवंबर 2007 को चंद मिनटों के अंतराल में सीरियलब्लास्ट से यूपी दहल गया था। तीनों जगहों पर कुल 15 लोगों की मौत हुई थी जबकि 60 से अधिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे

13) 1 जनवरी 2008 को रामपुर के सिविल लाइन इलाके स्थित सीआरपीएफ कैंप पर आतंकियों के हमले में सीआरपीएफ जवान मारे गए थे और कई सुरक्षाकर्मी जख्मी हो गए थे।

14) जयपुर के इतिहास में 13 मई 2008 काला दिन लेकर आया था। इस दिन गुलाबी नगरी के मुख्य बाजारों में एक के बाद लगातार नौ धमाके हुए थे जिनमें आधिकारिक तौर पर 63 की मौत हो गई जबकि 216 से अधिक घायल हो गए थे।

15) 25 जुलाई 2008, बैंगलुरु में में 8 सीरियल ब्लास्ट 1 मरे 20 घायल

16) 26 जुलाई 2008 में अहमदाबाद शहर में 70 मिनट में 20 ब्लास्ट किए गए थे. ब्लास्ट में 56 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

17) 13 सितंबर 2008 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों में 26 लोग मारे गए थे और 135 अन्य घायल हुए थे.

18) 27 सितंबर 2008 दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाक़े में हुए बम धमाके में एक बच्चे की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए.

19) 1 अक्टूबर 2008,अगरतल्ला में बम विस्फोट- 4 मरे 100 घायल

20) 21 अक्टूबर 2008 मणिपुर की राजधानी इंफाल में रात को हुए बम विस्‍फोट में लगभग 17 लोगों की मौत हो गई है और 30 अन्‍य घायल हो गए हैं.

21) 30 अक्टूबर 2008, असम में बम विस्फोट इन धमाकों में 81 लोगों की मौत हुई थी

22) 28 नवम्बर 2008 का मुम्बई हमला ताज होटल,ओबेराय होटल,कामा हॉस्पिटल, नरीमन हाउस, लियोपोल्ड कैफे,छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर आतंकवादी हमला 166 लोग मारे गए 600 से ज्यादा घायल


2005 Delhi serial blasts


23) 1 जनवरी 2009, गुवाहाटी में बम ब्लास्ट 6 मरे 67 घायल

24) 13 फरवरी 2010 को बेकरी में धमाका, 17 लोगों की मौत, 58 घायल ,

25) 7 दिसंबर 2010 दशास्वमेध घाट पर गंगा आरती के समय बम धमाके ने एक मासूम बच्ची को उसके जन्मदिन से 11 दिन पहले ही मौत की नींद सुला दिया।

26) 7 सितंबर, 2011 को दिल्ली हाई कोर्ट परिसर के रिशेप्शन पर ब्लास्ट हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और 79 लोग घायल हो गए थे

27) 13 फरवरी 2011 इजराइली डिप्लोमेट की कार को बम से उड़ाने का प्रयास, बम सही से फटा नही। 4 घायल।

28) पुणे में 1 अगस्त, 2012 को शाम साढ़े सात से साढ़े ग्यारह बजे तक कम तीव्रता वाले चार धमाके हुए थे, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था

29) हैदराबाद के दिलसुखनगर में 21 फरवरी 2013 को दो बम ब्‍लास्‍ट हुए थे। इसमें 17 लोगों की मौत हुई थी और 131 से ज्‍यादा लोग घायल हुए थे

30) 17 अप्रैल 2013 बैंगलोर में बम ब्लास्ट, 6 लोग गंभीर रुप से घायल

31) 27 अक्टूबर 2013 को पटना में,नरेंद्र मोदी की रैली में इंडियन मुजाहिद्दीन द्वारा 8 बम ब्लास्ट,6 मरे 85 घायल।लाखो की भीड़ में भगदड़ मचा कर हजारो को मारने की साजिश। मोदी और मैनेजरों की समझदारी से भगदड़ नही मची।

32) 1 मई 2014, चेन्नई में गुवाहाटी बैंगलोर एक्सप्रेस में बम बलास्ट 1 मरे 14 गंभीर रूप से घायल।

इन घटनाओं के तार कहाँ से जुड़े हैं और कौन से लोग हैं वे जो इन घटनाओं में शामिल है….ये तो शायद हमें बताने की जरुरत नही है…
खैर इतना याद रखिये इन्ही आतंकवादी घटनाओं के बीच हिन्दू आतंकवाद शब्द का भी जन्म भी हुआ. ये भी हिन्दुस्तान पर किसी बड़े हमले से कम नही था. साध्वी प्राची, असीमानंद जैसे लोगों को सरकार ने फंसाने की भरपूर कोशिश की. उन्हें गुनाह कबूल करने के लिए बड़ी यातनाएं दी गयी लेकिन सच्चाई की जीत हुई. अब सोचने वाली बात है कि पटना में पीएम मोदी की रैली में ब्लास्ट हुआ था… प्रधानमंत्री की कुर्सी पर पीएम मोदी के बैठने के बाद आपने गौर किया कि कितनी आतंकी घटनाएँ हुईं हैं. कितने लोग मारे गये हैं? सोचिये

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