सोशल मीडिया पर वामपंथी गैंग फैलाने लगा अजीत पवार को क्लीनचिट मिलने की अफवाह

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NCP द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को मनाने और वापस शरद पवार के पास ले जाने की तमाम कोशिशों के बीच सोमवार कि दोपहर अचानक एक खबर से हडकंप मच गया और केंद्र सरकार निशाने पर आ गई. इसकी वजह थी एक खबर जो सभी न्यूज चैनलों पर एक साथ ब्रेक हुई. खबर थी कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने अजीत पवार को 9 मामलों में क्लीनचिट दे दी है.

खबर के ब्रेक होते ही डिबेट शुरू हो गए कि भाजपा से हाथ मिलाते ही अजीत पवार को राहत मिल गई. सोशल मीडिया पर भी वामपंथी गैंग ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि अजीत पवार को क्लीनचिट दे दी है. लेकिन जल्द ही सब कुछ साफ़ हो गया कि सच क्या है. सोशल मीडिया पर चल रही ख़बरों को एंटी करप्शन ब्यूरो ने अफवाह बताया और साफ़ किया कि अजित पवार के खिलाफ आज कोई मामला बंद नहीं किया गया है.

एंटी करप्शन ब्यूरो ने कहा कि सिंचाई घोटाले से जुड़े करीब 3 हजार टेंडरों की भी जांच चल रही है. उनमे से सिर्फ 9 मामलों में अजीत पवार की संलिप्तता नहीं पाई गई. एंटी करप्शन ब्यूरो के डीजी परमबीर सिंह ने कहा, “हम सिंचाई घोटाले से जुड़े 3 हजार टेंडरों को लेकर हुई शिकायतों की जांच कर रहे हैं। ये रोजमर्रा की जांच है जो बंद हुई है। जिन मामलों में पहले से जांच चल रही है, वे आगे भी जारी रहेंगी.”

2012 में सामने आया था मामला

गौरतलब है कि अजीत पवार सिंचाई घोटाले के आरोपों से घिरे हैं. साल 2012 में ये घोटाला सामने आया था. उस वक़्त राज्य में कांग्रेस और एनसीपी की ही सरकार थी. आरोप लगा था कि 1999-2000  के दौरान महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के शासनकाल में 35 हजार करोड़ करोड़ रुपये की अनियमिततताएं सामने आईं थीं. अजित पवार पर ऐसे आरोप थे कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने सिंचाई से जुड़े हर तरह के प्रॉजेक्ट्स और उनके बढ़ते हुए बजट को मंजूरी दी थी.

एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को बकवास बताते हुए कहा है कि अभी अन्‍य टेंडरों की जांच जारी है. सिर्फ 9 मामलों में अजीत पवार के खिलाफ सबुत नहीं मिले हैं. उन्हें क्लीनचिट देने की बातें महज अफवाह है.

अजीत पवार के भाजपा के साथ हाथ मिला लेने के बाद सरकार बनाने से चूक गई कांग्रेस और शिवसेना ने छोटी सी खबर को बढ़ा चढ़ा कर बताना शुरू कर दिया. 9 मामलों को लेकर शोर मचाती कांग्रेस ये भूल गई कि अभी भी 2291 मामलों में अजीत पवार की भूमिका की जांच चल रही है. सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान ना दें.