आधी रात मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ को राज्यपाल ने जारी कर दिया ये फरमान

मध्यप्रदेश में सियासी हलचल बरक़रार है. सिंधिया के इस्तीफे के बाद बीजेपी ने उन्हें मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी है. सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद एमपी में कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छा गये हैं. कांग्रेस पूरा जोर सरकार बचाने में कर रही है लेकिन यही कहा जा रहा है कि सिंधिया और उनके समर्थकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ को सरकार बचाना मुश्किल हो जायेगा.

जानकारी के लिए बता दें मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी में पिछले काफी समय से चल रही आंतरिक कलह ने कमलनाथ सरकार को संकट में डाल दिया है. एमपी में कांग्रेस के बड़े नेता रहे सिंधिया ने आखिरकार पार्टी छोड़ने का मन बना ही लिया और उन्होंने इस्तीफा दे ही दिया. सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के 22 विधायकों और मंत्रियों ने सभी अपना इस्तीफा दे दिया, जिसके चलते कांग्रेस की अब मुश्किलें बढ़ गयी हैं. इन विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास अब 92 ही विधायक बचे हैं और बीजेपी के पास 107 विधायक हैं.

मध्यप्रदेश में चल रहे इस सियासी घटनाक्रम के बीच सूबे के राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को लेकर आधी रात को चिट्ठी जारी कर निर्देश दे दिया. उन्होंने कमलनाथ को बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं. इसी के राज्य में एक बार फिर सियासी सरगर्मी बढ़ गयी है. आधीरात को भेजे गये इस पत्र ने कमलनाथ की और मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

गौरतलब है कि राजभवन से भेजे गये पत्र में राज्यपाल ने सीएम कमलनाथ को कहा कि मध्यप्रदेश की हाल की घटनाओं से उन्हें प्रथम द्रष्टया प्रतीत होता है कि उनकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है. ये सरकार अब अल्पमत में है. उन्होंने कहा ये स्थिति गंभीर है और इएम कमलनाथ 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करें. वहीं सूत्रों के हवाले से ये भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस राज्यपाल के इस फ़ैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है. आधी रात आयी इस चिट्ठी में लिखा था कि ” मुझे जानकारी मिली है कि 22 विधायकों ने मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. उन्होंने इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया को भी इसकी जानकारी दी है. मैंने इस बावत मीडिया कवरेज को भी देखा है.”