कुंभ मेले का आगाज,टेंट सिटी में मिलेंगी पांच सितारा होटल वाली सुविधाएं

मकर संक्रांति के मौके पर शाही स्नान के साथ ही प्रयागराज में कुंभ का शंखनाद हो गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ मेले की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने ट्वीटर पर एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा कि प्रयागराज में आरंभ हो रहे पवित्र कुम्भ मेले की हार्दिक शुभकामनाएं। ऐसी मान्यता है कि संगम में एक डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं और लोगों को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है.पूरे धूमधाम से शोभा यात्रा निकालते हुए निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु संतों ने संगम तट पर शाही स्नान किया।केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है।मकर संक्रांति के मौके पर शाही स्नान के साथ ही प्रयागराज में कुंभ का शंखनाद हो गया है.

कड़ाके की सर्दी में अलग-अलग अखाड़ों के साधु गंगा में डुबकी लगा रहे हैं. हर तपस्वी की यही इच्छा होती है कि वो धर्म के सबसे बड़े मेले में संगम तट पर शाही स्नान का हिस्सा बनें.कुंभ के प्रथम शाही स्नान पर्व मकर संक्राति पर मंगलवार सुबह नौ बजे तक लगभग 40 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य डुबकी लगाई।उनके लिए कुंभ ही उनके जीवन का सबसे बड़ा तीर्थ है. ऐसे में सालों बाद जब ये मौका आया तो कड़ाके की ठंड को भी मात देते हुए संन्यासियों ने शाही स्नान किया.पूरे धूमधाम से शोभा यात्रा निकालते हुए निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु संतों ने संगम तट पर शाही स्नान किया.मंगलवार को सवेरे 5 बजे से शुरू स्नान पूरे दिन जारी रहेगा। सुबह सबसे पहले 6.05 बजे महानिर्वाणी के साधु-संत पूरे लाव-लश्कर के साथ शाही स्नान को संगम तट पर पहुंचे।

इसके साथ अखाड़ों के स्नान का क्रम प्रारंभ हुआ।त्रिवेणी संगम की नगरी प्रयागराज में अध्यात्म की चमक और अनगिनत भावों से भरी हुई है.कुंभ में इस बार 12 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. मेले में करीब बीस लाख विदेशी सैलानियों के पहुंचने की भी उम्मीद है. इस बार के कुंभ में भव्यता और दिव्यता दोनों की झलक नजर आ रही है.पारा 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम होने के बाद भी बड़ी तादाद में लोग डुबकी लगा रहे हैं।किंवदंतियों के मुताबिक, पहला ‘शाही स्नान’ स्वर्ग का दरवाजा खोलता है।मकर संक्रांति पर प्रयाग की धरती पर चिंतन, धर्म के महीन धागों की डोर से जीवन बुना जा रहा है.

आस्था की डुबकी में सनातन संस्कृति का सार समझ में आएगा. कुंभ में नागा संन्यासियों का रहस्य और करतब भी इसी संगम के आकाश के नीचे तैरता है.कहते हैं कि इस दिन सभी हिंदू देवता स्वर्ग से संगम पधारे थेऔर इसी दिन कल्पवास व्रतधारी स्नान कर अपना व्रत पूर्ण करते हैं। इस दिन बहस्पति गुरु की भी पूजा की जाती है।अगर आपको लगता है कि आप इस पांच सितारा सुविधाओं का लुत्फ उठाने के लिए जेब ज्यादा ढीली नहीं करना चाहते हैं तो टेंट सिटी के आसपास इसी तरह की दूसरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं. जहां आप 7 से ₹10000 के बीच में एक शाही टेंट में समय बिता सकते हैं. मौसम और जरूरत के साथ हर सुविधा स्टैंड सिटी में आपको मिलेगी.

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