सास की मौत पर खुश थी पत्नी, पति ने कर दी हत्या

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माँ के प्रति प्यार जायज़ है.. माँ को भगवान् से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है क्यूंकि जो निस्वार्थ प्रेम माँ से मिलता है वो कोई और कभी कर ही नहीं सकता.. पर उस मातृप्रेम में किसी की जान ले लेना बिलकुल भी जायज नहीं.. और ऐसा ही एक अजीबो गरीब मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर से सामने आया है जहाँ पुराना रजवाड़ा इलाके में रहने वाले 40 वर्षीया संदीप लोखंडे ने अपनी पत्नी शुभांगी को जान से मार दिया.. और जब हमने उससे बीवी को मारने की वजह पूछी तो उसने बताया कि उसकी बीवी उसकी माँ की मौत पर बहुत खुश हो रही थी.. जिसे देखकर संदीप को इतना गुस्सा आया कि उसने अपनी बीवी को सीडियों पर से धक्का दे दिया, दर्द में कराहती शुभांगी ने जब पति से मदद माँगी तो उसने पास ही पड़े फर्श के टुकड़े से बीवी के सर पर बेरहमी से कई वार किये जिससे कुछ ही देर में बीवी की मौत हो गई..  हालाँकि जब मामला पुलिस के सामने आया तो मृत पत्नी के बारे में उसने बोला कि वो बीमार होने के चलते सीड़ियों से बेहोश होकर गिर गई लेकिन फिर पुलिस को पास ही में फर्श का वो टुकड़ा मिल गया जिसपर उसकी बीवी के खून के धब्बे लगे हुए थे और खूनी पति को गिरफ्तार कर लिया गया

बाद में पति ने हत्या की जो वजह बताई है वह चौंकाने वाली है। आरोपी पति ने कहा है कि जब उसकी मां की मौत हुई तब उसकी पत्नी बहुत खुश हुई थी। इस वजह से उसने पत्नी की हत्या कर दी। संदीप लोखंडे की मां का बीते शनिवार निधन हो गया था। इसके बाद उनकी पत्नी 39 वर्षीय शुभांगी ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा था कि मां की मौत कोई बड़ी बात नहीं और इससे वह दुखी न हों। यह बात संदीप को नागवार गुजरी। इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी पर यह आरोप भी लगाया कि उनकी मां की मौत पर शुभांगी काफी खुश हो गई थीं। इतना ही नहीं संदीप ने शुभांगी को अपने पहले बच्चे की मौत का भी जिम्मेदार ठहरा दिया। संदीप फिलहाल पुलिस की हिरासत में है जिसपर आगे की कानूनी कार्यवाही चल रही है

मगर सोचने वाली बात यह है कि पल भर के आवेश में, पल भर के गुस्से में संदीप ने जो कदम उठाया उसमें नुकसान किसका हुआ.. उसी का.. बीवी तो मर गई मगर उसे आगे कि ज़िंदगी जेल की सलाखों के पीछे काटनी पड़ेगी.. और यह देख यकीनन किसी को हो ना हो संदीप की दिवंगत माँ को ज़रूर दुःख होगा. काश यह बात उस वक़्त संदीप को समझ आई होती

गुस्सा आदमी की एक बहुत बड़ी कमजोरी है जिसके चलते कई बार ऐसी गलतियां हो जाती है जिनके बाद बस पछतावा ही रह जाता है.. और ज़िंदगी बर्बाद.. अफ़सोस कि गलती चाहे जिसकी हो नुकसान गुस्सा करने वाले का ही सबसे ज्यादा होता है.. बड़े बड़े क्राइम के पीछे वजह निकलती है “गुस्सा”, आवेश, अहंकार, वासना, लोभ… कुछ क्षणों की यह भावनाएं आपको ज़िन्दगी भर के लिए अपराधी बना देती हैं.. ज़िंदगी बर्बाद कर देती हैं.. और आपके पास रह जाता है तो बस “पछतावा” और यही सब देखकर पता चलता है कि सहनशीलता, धैर्य, शान्ति, अपनापन, स्वीकार्यता, समझदारी कितनी ज़रूरी है हमारे लिए जिनपर अमल करना हमें सबसे पहले सिखाया गया था.. अफ़सोस कि हम यह सब भूल चुके हैं और भौतिक सुखों के चक्कर में मन का सुख, शान्ति सब खो चुके हैं.. और नुकसान सिर्फ और सिर्फ अपना कर रहे हैं.