पांच साल में देश को मिलने जा रहा है सातवाँ चीफ जस्टिस, जानिये अगले CJI कौन होंगे?

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सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले की लगातार सुनवाई चल रही है. चीफ जस्टिस कई बार इस बात को कह चुके हैं कि दोनों पक्ष जल्द से जल्द अपनी अपनी दलीलें कोर्ट के सामने पेश करें.. वहीँ चीफ जस्टिस ने किसी भी तरह कि मोहलत देने से भी इंकार कर दिया है. इसी केस की सुनवाई 32वें दिन में पहुंची तो एक दलील पर नाराज़गी जताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) रंजन गोगोई ने कहा ‘क्या है ये! कब तक सुनवाई चलेगी? मेरे रिटायरमेंट के आखिरी दिन तक?’ दरअसल 17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर हो रहे है…इससे पहले ही चीफ जस्टिस सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने की इच्छा और उम्मीद जता चुके हैं. लेकिन एक सवाल जो आप सबके मन में आ रहा होगा कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायर होने के बाद अगला चीफ जस्टिस कौन होगा?

पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा के रिटायर होने के बाद पिछले साल 3 अक्टूबर को जस्टिस रंजन गोगोई ने सीजेआई का पद संभाला था जो नवम्बर में रिटायर हो रहे हैं. इसके बाद साल 2014 से अब तक मलतब पांच सालों देश को सांतवा चीफ जस्टिस मिलने जा रहा है. साल 2014 में जब भाजपा ने केंद्र सरकार बनाई, उससे एक ही महीने पहले राजेंद्रमल लोढ़ा सीजेआई के तौर पर नियुक्त किए गए थे. मोदी सरकार बनने के चार महीने बाद ही एचएल दत्तू सीजेआई बने. उनके बाद टीएस ठाकुर सीजेआई के पद पर एक साल से अधिक वक्त रहे. जनवरी 2017 में जगदीश सिंह खेहर सीजेआई नियुक्त किए गए इसके आठ ही महीने बाद अगस्त 2017 में दीपक मिश्रा ने ये पद संभाला. अक्टूबर 2018 से रंजन गोगोई देश के मुख्य न्यायाधीश हैं, जो आगामी नवंबर में रिटायर होंगे. ऐसे में अब सवाल तो यही है कि देश में अगला सीजेआई कौन होगा?

आपको बता दें कि नवंबर में गोगोई के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े का नाम लगभग तय है. अप्रैल 2013 में जस्टिस बोबड़े की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर की गई थी. अगर सबकुछ ठीक रहा तो 2019 में जस्टिस बोबडे चीफ जस्टिस बनने जा रहे हैं. इसके बाद अप्रैल 2021 में उनकी जस्टिस एनवी रामन्ना लेंगे.. अगस्त 2022 में जस्टिस उदय यू ललित और नवंबर 2022 में ही जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ चीफ जस्टिस होंगे.2024 में जस्टिस संजीव खन्ना सीजेआई बन सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के जजों की रिटायर होने की उम्र 65 साल है. हालाँकि चीफ जस्टिस की नियुक्ति के लिए उम्र के बजाय इस बात पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है कि किस जज के पास सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर उसकी सीनियोरिटी कितनी है? इससे अगले cji का अंदाजा लगाना आसान हो जाता है.

खैर सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर नियुक्ति दो हाईकोर्ट के जजों की एक ही दिन होती है तो ऐसे में सवाल होता है कि इसमें चीफ जस्टिस कौन बनेगा.. ऐसे में कानून में प्रावधान है कि जो जज पहले cji का शपथ लेगा वही चीफ जस्टिस बनेगा. यहाँ उसके हाई कोर्ट के अनुभव को तवज्जो नही दी जाती है. खैर मौजूदा cji रंजन गोगोई 32वें दिन अयोध्या मामले की सुनवाई की और फैसले के लिए 18 अक्टूबर तारीख मुफीद मानते हुए कहा, ‘यदि हम इस मामले में चार सप्ताह में फैसला सुना देते हैं तो यह अद्भुत होगा.’


 खैर अब राममन्दिर पर चले आ रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद लोगों में जगी है और कोर्ट सख्ती के साथ सुनवाई कर रहा है. हालाँकि इसमें खलल डालने की कोशिश की गयी तो सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया दिखाते हुए दोहराया कि जल्द से जल्द सभी पक्ष अपनी दलील पूरी करें.. याहं आपको एक बार फिर बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने साफ़ कर दिया है कि रिटायर होने से पहले वे राम मंदिर पर फैसला सुनाना चाहते हैं. सुनवाई की सेड्युल में कोई परिवर्तन नही किया जाएगा.