भीलवाडा में सरपंच किस्मत गुर्जर ने रोका कोरोना, अब वो क्यों हैं सोनिया गाँधी से नाराज?

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कोरो’ना वा’यरस आज देश के हर हिस्से में पहुँच चूका है. ये वाय’रस भारत के अंदर इतनी तेजी से नहीं फ़ैल रहा था लेकिन म’र’कज़ के जमा’तियों ने इसे पूरे देश के अंदर हवा की माफिक फैला दिया हैं. कोरो’ना को लेकर केंद्र सरकार पहले से ही चौकनी थी कि कोरो’ना को देश में फैलने से रोकना है. लेकिन जमा’तियों ने अपना जाहिल पाना दिखा कर देश को नुकसान पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं.

वहीँ कोरो’ना से लड़ने के लिए राज्य सरकार भी अपनी कमर कस के बैठी हैं की कोरो’ना को हर हाल में रोकना है. इसी को देखते कोरो’ना वायरस से लड़ने के लिए भीलवाड़ा एक मॉडल बनकर उभरा है. यहां जिस तरह से COVID-19 महा’मारी पर काबू पाया गया, उसकी पूरा देश तारीफ कर रहा है. प्रशासन ने सख्‍ती से पूरे जिले को स्‍क्रीन किया और अब हालात नियंत्रण में. हैं तो क्रेडिट लेने की होड़ भी मच गई है. कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्‍थान की कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी को इस लड़ाई का क्रेडिट दिया.

आपको बता दें कि जिस भीलवाडा मॉडल कि देश में इतनी चर्चा हो रही है वो है क्या? भीलवाड़ा मॉडल चिकित्सा विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अमले के कोऑर्डिनेशन का एक अच्‍छा एग्‍जाम्‍पल है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी मेडिकल कॉलजों में आरआरटी (Rapid Response Team) का गठन करवाया था. भीलवाड़ा कलेक्‍टर राजेन्द्र भट्ट में RRT को सटीक तरीके से काम में लिया. कोरो’ना पॉजीटिव की सूचना मिलते ही RRT को तुरंत क्षेत्र में भेजा गया। 1, 3 और 5 किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू और फिर महाकर्फ्यू लगाया गया. हर घर के सदस्य की 2-2, 3-3 बार स्क्रीनिंग की गई. लेकिन कोरोना जैसी बीमारी के वक़्त भी कांग्रेस अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में पीछे नहीं है.

कोरो’ना से लड़ाई जीतनी है हम सबको मिल कर लेकिन कांग्रेस ने अपनी मानसकिता दिखाना शुरू कर दिया हैं. राहुल गाँधी को क्रेडिट देने के बाद भीलवाड़ा की देवरिया ग्राम पंचायत की सरपंच किस्मत गुर्जर नाराज हो गईं. उन्‍होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि ‘उससे इन्‍हें बहुत दुख हुआ है.’ किस्‍मत गुर्जर वही सरपंच हैं जिनका एक वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था. वह अपने गांव में खुद ही डिसइन्‍फेक्‍टेंट स्‍प्रे कर रही थीं.

सरपंच किस्‍मत गुर्जर ने आगे कहा, “आज जिसे भीलवाड़ा मॉडल कहा जा रहा है, दरअसल उसके पीछे यहां के किसानों, महिलाओं, ग्रामीणों और भीलवाड़ा की स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं की कड़ी मेहनत का नतीजा हैं.’ पिछले कई दिनों से राज्‍य सरकार जिसका क्रेडिट लेने की लगातार कोशिश कर रही है और आज राहुल गांधी ने लेने की कोशिश की, वो दरअसल स्‍थानीय लोगों की मेहनत का नतीजा है. जिन्‍होंने कोरोना से लड़ने के लिए छोटी-छोटी बातों का पालन किया और आत्‍मसंयम का परिचय दिय. यहां के लोगों ने ना सिर्फ लॉकडाउन का भली-भांति पालन किया है, बल्कि सोशल डिस्‍टेंसिंग और साफ-सफाई का ध्‍यान रखा है.

वहीँ किस्मत गुर्जर रुकी नहीं और उन्होंने कहा कि डॉक्‍टर, नर्स, मेडिकल स्‍टाफ के साथ सहयोग करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो आग्रह किया है, उसका यहां के लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है. यह समय राजनीतिक स्‍वार्थ-सिद्धि का नहीं है, बल्कि सतर्कता और संयम के साथ रोज मेहनत करने का है.किस्मत गुर्जर की बात सही है कि पीएम मोदी देश के लिए जी जान से लगे हुए है ताकि कोरोना को देश से बाहरकिया जा सके और अपने देश को फिर से पटरी पर लाया जा सके.