भारत से हज़ारो मील दूर इस देश में कश्मीर बना मुख्य चुनावी मुद्दा

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हर देश में चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं. ये स्थानीय मुद्दे होते हैं रोजगार, घर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्रीय सुरक्षा. लेकिन भारत से करीं 4000 मील दूर स्थित इंग्लैण्ड में हो रहे चुनावों में कश्मीर सबसे बड़ा मुद्दा है. वहां चुनाव प्रचार में कश्मीर का इस्तेमाल ठीक उसिऊ तरह किया जा रहा है जैसे भारत और पाकिस्तान के चुनावों में किया जाता है.

कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद ब्रिटेन की दो प्रमुख पार्टियाँ लेबर पार्टी और कंजरवेटिव पार्टी में भारतीय मूल के मतदाताओं को लुभाने की होड़ लगी है. लेबर पार्टी को वामपंथी विचारधारा का माना जाता है. कश्मीर से आर्टिकल हटाये जाने के बाद लेबर पार्टी के नेताओं की तरफ से कई ऐसे बयान दिए गए जो भारतीय मूल के हिन्दू मतदाताओं को पसंद नहीं आये.

सितम्बर महीने में लेबर पार्टी ने एक इमरजेंसी मोशन पास किया था जिसमे प्रस्ताव था कि एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर जा कर वहां के हालात का जायजा लेने के लिए भेजे जाएँ. इसके अलावा कश्मीर में मानवाधिकार के हनन, महिलाओं के साथ शोषण जैसे मुद्दे भी उठाये गए और भारत की आलोचना की गई. ये बयान सीधे सीधे पाकिस्तान परस्त बयान थे जिसके बाद भारतीय हिन्दू मतदादाओं ने लेबर पार्टी का बहिष्कार करने का निर्णय लिया.

सितम्बर में ही भारतीय उच्चायोग ने लेबर पार्त्यी के नेताओं के लिए एक डिनर का आयोजन किया था जो बाद में कैंसल कर दिया गया. ब्रिटेन में मौजूद भाजपा समर्थक और उनसे जुड़े तमाम संगठन लेबर पार्टी के विरोध में आ गए. ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ़ द बीजेपी ने ब्रिटेन में मौजूद भारतीय वोटरों से अपील की थी कि वो लेबर पार्टी का समर्थन ना करें क्योंकि वो भारत विरोधी पार्टी है. लेबर पार्टी की बजाये कंजरवेटिव पार्टी को वोट देने की अपील की थी.

अपने खिलाफ भारतीय समुदाय में माहौल बनाता देख लेबर पार्टी को सफाई देनी पड़ी थी. आपको बता दें कि ब्रिटेन में कई ऐसे सीट हैं जहाँ भारतीय मूल के मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं और सीटों का फैसला करते हैं. आने वाले दिनों में ब्रिटेन चुनाव और भी दिलचस्प होने वाला है.