सिद्धारमैया ने की महिला से अभद्रता

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कर्नाटका में गठबंधन की सरकार बिखरने का असर अब नेताओं के दिमाग पर दिखने लगा है.. पहले कांग्रेस विधायकों की मारपीट और अब कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री की वजह से कांग्रेस-जेडीएस सरकार को शर्मिंदा होना पड़ा है। अब देखिये ना कर्नाटका के पर्यटन मंत्री का एक आईपीएस ऑफिसर को गाली देने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था.. कि कर्नाटका के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का नया वीडियो सामने आ गया.. इसमें वो पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता का दुपट्टा खींचते हुए दिख रहे हैं… वो भी सबके सामने.

यह पूरा वाकया हुआ पार्टी के कार्यक्रम में जो चल रहा था mysore में. बताया जा रहा है कि इसी कार्यक्रम में जमीला नाम की एक महिला मैसूर में पूर्व सीएम के पास कुछ अधिकारियों की शिकायत लेकर पहुंची थी। लेकिन जैसे ही जमीला ने अपनी बात शुरू की, सिद्धारमैया भड़क गए और महिला के हाथ से माइक छीन लिया। इसी बीच सिद्धारमैया ने महिला से अभद्रता भी की, उनका दुपट्टा खींच लिया और फिर उनपर चिल्लाते हुए बैठने को कहा। मैसूर में हुई यह पूरी घटना मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों के कैमरे में कैद हो गई और फिर शुरू हुआ इस वीडियो पर विवाद.

आपको बता दे यह पहला मामला नहीं है जब कर्नाटका सरकार की तरफ से महिलायों के साथ बदतमीजी की गई. इससे पहले कर्नाटक के वर्तमान पर्यटन मंत्री SR महेश भी एक महिला आईपीएस ऑफिसर के साथ बदतमीजी कर चुके हैं.. अभी हाल ही में उनका भी एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे वो एसपी दिव्या वी गोपीनाथ के साथ बहस करते दिख रहे हैं क्योंकि उन्हें और उनके दो साथियों को उस बिल्डिंग के अंदर प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई जहां स्वामी का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। महेश महिला अधिकारी पर चिल्लाते हुए कहते हैं, ‘तुमको पता नहीं है, हम मंत्री हैं’ और इसके बाद अपशब्द बोलते हैं। विडियो में दोनों की बातचीत साफ नहीं है लेकिन यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

ये मामला सिद्दगंगा मठ के संत शिवकुमार स्वामी के अंतिम संस्कार का है,

कई चश्मदीदों ने बताया कि इसके बाद महिला अधिकारी के आंसू तक निकल आए थे। विडियो में दिख रहा है कि तभी मंत्री के साथी एसआर श्रीनिवास ने अधिकारी को चुप कराया और हाथ जोड़कर इसे कोई मुद्दा ना बनाने की अपील कर रहे हैं।


इतना ही नहीं जब मंत्री जी से ऑफिसर से माफ़ी मांगने के लिए कहा गया तो उन्होंने इनकार कर दिया 


महेश ने कहा, ‘मैंने कोई गलती नहीं की।’ वह आगे कहते हैं, ‘एसपी मुझे और मेरे साथियों को सिद्दगंगा के संत को आखिरी नमन करने की इजाजत नहीं दे रही थीं। जबकि पुलिस ने कई अनजान लोगों को अनुमति दे दी थी जिसमें पूर्व बीजेपी मंत्री जी जनार्दन रेड्डी भी शामिल थे लेकिन कैबिनेट मंत्रियों को अंदर नहीं जाने दे रही थीं। एक पुलिस अधिकारी को पता होना चाहिए कि उनके मंत्री कौन हैं।’ 

कर्नाटका में कैसे जोड़ तोड़ करके कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार बनी थी.. यह तो हम सभी जानते ही हैं.. लेकिन इस गठबंधन को दो साल भी नहीं हुए और टूटने के कगार पर पहुँच चुका है.. रोज रोज नए नए बयान कांग्रेस और जेडीएस विधयाकों की तरफ से आना तो यही दिखाते हैं कि यह गठबंधन सिर्फ नाम का है.. और पार्टी की अंदरूनी कलह नेताओं के दिमाग पर ऐसी चढ़ गई है कि वो तमीज तक भूल चुके हैं.. क्यूंकि वो सरकार जहाँ पर मंत्री खुद औरतों के साथ बदतमीजी करें उन पर राज्य कि सुरक्षा का भरोसा करना नामुमकिन है.