कर्नाटक में हुआ लड़की के साथ हैवानियत, लेकिन क्यों दबी रह गई ये खबर

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महिलाएं सुरक्षित क्यूं नहीं है…इसका blame हम किसपर लगाए..समाज, सरकार या फिर भगवान..क्यूं आए दिन महिलाओं के साथ हो रहे रेप के मामले बढ़ रहे है..क्यों समाज का वो हिस्सा दिन प्रतिदिन और जानवर बनता जा रहा है..जी हां एक ऐसी घटना मुझे पत्ता चली जिसे जान..मुझे समाज के उस हिस्से को जानवर का दर्जा देने में परहेज नहीं लगा..मैं आपको उस घटना के बारे में बताने जा रही हूं जिसके बारे में जान मेरी रुह कांप गई थी..आप खुद सोचिए अगर उस घटना को जान मेंरी रुह कांपी होगी..मेरे आंखों से आंसू निकले होंगे तो फिर उस महिला पर क्या बीती होगी..जिसके साथ ये घटना घटित हूं..और विडम्बना देखिए समाज का वो वर्ग जो समाज को आईना दिखाने का दावा करता है..वो इस घटना पर चूप है..इस घटना को Main stream media में जगह तो मिली लेकिन बस एक नोर्मल खबर के तौर पर…कही किसी चैनल पर इसको लेकर बवाल नहीं हुआ…ना ही किसी राजनीति दल ने इस पर कुछ बोला…सब मौन है..क्यूं…क्यूं..क्योंकि चुनाव का समय है और ऐसे में ऐसी खबरों को टीआरपी नहीं मिलेगी बस इसलिए..बस इसलिए वो लोग जो खुद को पत्रकार बोलते है वो चुप है..खैर हम आपको खबर बताते है फिर शायद हम और आप मिलकर उस महिला को इंसाफ दिला पाएंगे..

ये मामला है कर्नाटक के रायचूर की..बेंगलुरु से लगभग चार सौ किलोमीटर दूर रायचूर एक छोटा सा शहर है..यहां मानिक प्रभु नाम का एक मंदिर है..वहीं पर 16 अप्रैल को एक लड़की की जली हुई लाश पेड़ से लटकी हुई मिली..लाश पूरी तरीके से जली हुई थी..इस इस घटना का शोर तब मचना शुरू हुआ, जब लाश की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों ने पोस्ट करना शुरू किया..सोशल मीडिया पर लाश की ऐसी-ऐसी तस्वीरें पोस्ट की गई है जिसे देख रुह कपा सा जाता है..इस फोटो में हैवानियत की सारी हदे पार दिखाई देती है..सोशल मीडिया पर वायरल हुई ये तस्वीरे इतनी डरावनी हैं कि पहली बार में यकीन नहीं होता ही ख़बर क्या वाकई सच है..लेकिन अफसोस की ये घटना सच निकली..उस इलाके के एसपी किशोर बाबू ने घटना की पुष्टि की है..
अब ये मामला क्या है हम आपको विस्तार से समझा देते है..

लड़की इंजीनियरिंग की स्टूडेंट थी..लड़की जिस कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रही थी उसका नाम नवोदय इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी है..बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को लड़की को कॉलेज से गायब कर लिया गया था..इस लड़की के गायब होने के तीन दिन बाद यानि 16 अप्रैल को मृतका का शव बरामद किया गया था.. हत्या के इस मामले को सुसाइड दिखाने की कोशिश भी की गई। लाश के पास एक सुसाइड नोट भी मिला..जिसमें लिखा था कि उसने खुद अपनी जाल ली है. क्योंकि परीक्षा में उसके नंबर अच्छे नहीं आए थे..हालांकि उसके कई परिचितों ने कहा कि यह दावा स्पष्ट रूप से गलत है क्योंकि उसने अपने सभी विषयों को क्लियर कर लिया था..

और सोचने वाली बात ये भी है कि अगर इस लड़की ने खुद को आग लगाकर जान दी तो उसकी लाश को पेड़ से किसने लटकाई..सोचने वाली बात है कि कोई ऐसे कैसे सुसाइड कर सकता है..कोई खुद को आग लगा कर कैसे पेड़ से लटका सकता है..बहरहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की जांच पड़ताल शुरू की..

रायचूर की लोकल मीडिया और कुछ लोग ये दावा कर रहे है कि उसके साथ बलात्कार किया गया और फिर उसे जलाकर पेड़ से लटका दिया गया..
इंजीनियरिंग की छात्रा की हत्या और सुसाइड की गुत्थी अब भी सुलझी नहीं है। इस बीच पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भी पुलिस पर जनता के बढ़ते दबाव के बीच हुई है। परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्नाटक पुलिस इस मामले को दबाना चाहती है…

लोगों ने इस लड़की को न्याय दिलाने के लिए एक मुहिम छेड़ दी गई है. इस मुहिम में छात्र और वहां के स्थानीय लोग जुड़ गए है और वो इस छात्रा के लिए सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं. इसके लिए यहां पर कैंडिल मार्च निकाले जा रहे हैं और लोग धड़ाधड़ ट्वीट के जरिए अपना विरोध जता रहे हैं….बहरहाल, देखना ये है कि क्या इसके साथ न्याय होता है या फिर सत्ता पर बैठे लोग बस बाते ही बनाते रहेंगे.