मुश्किल में कर्नाटक की बीजेपी सरकार,येदुरप्पा की कुर्सी पर आया संकट

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कर्नाटक का नाटक थमने का नाम नहीं ले रहा है. कर्नाटक में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज होती दिख रही है. अभी कुछ महीने पहले कर्नाटक में बीजेपी ने अपनी सरकार काफी मश्कत के बाद बनाई थी. बीजेपी सरकार ने येदुरप्पा को प्रदेश की कमान सौंपी. सब कुछ अच्छा चल रहा था. लेकिन कुछ दिन पहले येदुरप्पा ने अपनी उम्र को लेकर ये हवाला दिया था कि उनकी उम्र 75 साल हो गई है. तो वो अब अपने बेटे को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहते है. इसको लेकर कर्नाटक में नाटक शुरू हो गया है. विधायक नहीं चाहते की येदुरप्पा का बेटा चीफ मिनिस्टर बने .

दरअसल, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी कम से कम 20-25 विधायक राज्य के सीएम बीएस  येडियुरप्पा से नाराज़ बताए जा रहे हैं. जो विधायक नाराज है, उन्होंने आगे की रणनीति बनाने के लिए मीटिंग अपनी बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक, यह मीटिंग राज्य के पूर्व डिप्टी ‘सीएम जगदीश शेट्टार के घर पर हुई. इस बैठक को लेकर विधायकों द्वारा एक चिट्ठी भी जारी की गई है. हालांकि इस चिट्ठी पर किसी के दस्तखत नहीं हैं, ऐसे में इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती है.’

राज्य के मौजूदा सियासी घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता बृजेश कलप्पा ने कहा कि ‘जब कोई चीज असंवैधानिक होगी. सत्ता हासिल करने के लिए कुछ भी करने की कोशिश की जाएगी तो ऐसा होगा ही.’  बृजेश ने कहा कि येडियुरप्पा आज तक कभी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. आगे भी ऐसा हो सकता है.

बताते चलें की येदुरप्पा से नाराजगी के अलावा बीजेपी और कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में कहीं न कहीं येडियुरप्पा की बढ़ती उम्र पर भी चर्चा चल रही है. जिसको खुद नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ऐलान किया था कि 75 की उम्र के बाद नेताओं को राजनीति से अलग हो जाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि बीजेपी में 75 वर्ष तक व्यक्ति किसी पद पर बना रह सकता है. लेकिन उसके बाद वो खुद हट जाये. ऐसे कई उदहारण भी बीजेपी में देखने को मिलें है. फिर चाहे वो बीजेपी क्जैसी पार्टी को खड़ा करने वाले लाल कृष अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी ही क्यों न हो.

इस फेहरिश्त में और भी कई बड़े नेताओं के नाम भी है. यही एक वजह है की येडियुरप्पा की उम्र फिलहाल 77 वर्ष की हो चुकी है. बीते दिनों जब येडियुरप्पा ने अपना जन्मदिन मनाया था, तब भी यह चर्चा का विषय बना हुआ कि क्या बीजेपी आलाकमान इस पर कोई डिसिशन लेगी या नहीं. अब सबकी नजरे बीजेपी के आलाकमान के ऊपर टिकी है. येदुरप्पा ही मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा करेंगे या फिर प्रदेश को कोई नया मुखिया मिलेगा.