गाँधी परिवार को किनारे कर कपिल सिब्बल ने दी ग्रैंड सियासी पार्टी, एक से बढ़कर एक विपक्षी सूरमाओं का लगा जमघट

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किसी जमाने में कपिल सिब्बल की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ और कद्दावर नेताओं में हुआ करती थी. गाँधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते थे. लेकिन जा कल उनकी गिनती कांग्रेस के बागियों में होती है. कपिल सिब्बल उन कांग्रेसी नेताओं में शामिल हैं जो पार्टी की बुरी स्थिति के बाद से लगातार उसने नेत्रित्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. उनका सीधा इशारा है कि गाँधी परिवार से अब पार्टी नहीं संभल रही तो उसकी कमान किसी और के हाथों में सौंप देनी चाहिए. अपने इन्ही विचारों की वजह से वो गाँधी परिवार की आँख की किरकिरी बन गए और उनका शुमार बागियों में होने लगा. एक तरह तो कांग्रेस विपक्षी गठबंधन में भी अलग थलग पड़ती जा रही है. वहीं दूसरी तरफ उसे अपनी पार्टी के अंदर भी बगावत झेलना पड़ रहा है. इन सबके बीच दिल्ली में एक ऐसी पार्टी हुई जिसपर सबकी नज़रें ठहर गई. ये पार्टी कपिल सिब्बल ने दी थी. इस पार्टी में विपक्ष के तमाम दिग्गज शामिल हुए, लेकिन गाँधी परिवार नदारद रहा. कपिल सिब्बल ने ये पार्टी अपने जन्मदिन पर दी थी.

सिब्बल की पार्टी में विपक्षी दिग्गजों के अलावा कांग्रेस के बागी G-23 के नेता भी शामिल हुए लेकिन गाँधी परिवार की गैरमौजूदगी ने सबका ध्यान खिंचा. कपिल सिब्बल की इस दावत में शरद पवार, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी, संजय राउत, डेरेक ओ ब्रायन समेत अन्य कई नेता शामिल रहे. कांग्रेस के जी-23 ग्रुप के गुलाम नबी आज़ाद, भूपेंद्र हुड्डा, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, शशि थरूर, संदीप दीक्षित भी यहां पर मौजूद रहे. इस सियासी जमावड़े में कपिल सिब्बल ने कहा कि मौजूदा दौर में भाजपा का मुकाबला करने के लिए एक मजबूत विपक्षी गठबंधन की जरूरत है.

सिब्बल की बातों को एनसीपी प्रमुख शरद पवार का साथ मिला. शरद पवार ने कहा कि कपिल सिब्बल जो मुद्दे उठाते हैं पार्टी के भीतर हों या बाहर, उनसे वह सहमत हैं और वह सही मुद्दे हैं. राजद सुप्रीमों लालू यादव ने भी कपिल सिब्बल की बातों का समर्थन करते हुए विपक्षी एकता पर जोर दिया. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष को कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद जैसे लोगों के अनुभव का सही इस्तेमाल करना चाहिए. इस सिब्बल की इस सियासी दावत में पूरब से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के नेताओं का जमघट लगा रहा.