इजरायल और फलिस्तीन के बीच संघर्ष में चौधरी बन रहे थे कानपुर के सपा नेता, मामला पड़ गया उल्टा और मांगनी पड़ी माफ़ी

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इजरायल और फलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष पर पूरी दुनिया की नज़रें टिकी है. फलिस्तीन की तरफ से हो रहे हमले से इजरायल बेहद आक्रामक तरीके से निपट रहा है. भारत ने हमास द्वारा किये जा रहे रॉकेट हमले की निंदा की है. लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक सपा नेता को इजरायल और फलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष में चौधरी बनने की सनक चढ़ी और उनकी फजीहत हो गई. मामला इतना बिगड़ गया कि नेताजी को माफ़ी मांगनी पड़ी.

पूरा मामला ये है कि फलिस्तीन एक मुस्लिम बहुल इलाका है इसलिए भारत के लिबरल गैंग के मन में उसके प्रति एक सॉफ्ट कॉर्नर है. शायद इसी वजह से कानपुर के सपा नेता मुनाफुद्दीन, आबिद और जफर खान इजरायल और फलिस्तीन के मामले में कूद पड़े और फलस्तीन का पक्ष लेते हुए शहर में इजरायली सामानों के बहिष्कार का पोस्टर लगा दिया. लेकिन मामला पड़ गया उल्टा. मुनाउद्दीन सपा के विधानसभा छावनी अध्यक्ष हैं बाकी आबिद वार्ड अध्यक्ष और जफर खान उपाध्यक्ष हैं.

तीनों नेताओं ने शुक्रवार को सुबह सुबह क्षेत्र में फलिस्तीन के समर्थन में पोस्टर लगा दिया. लेकिन उनके समुदाय के लोग ही इक विरोध करने लगे और कहने लगे कि मोहल्ले में राजनीति नहीं चलेगी. लोग होर्डिंग का विरोध करने लगे. विरोध इतना ज्यादा हुआ कि तीन घंटे बाद ही इन सपा नेताओं को मोहल्ले में से होर्डिंग उतारना पड़ा. जिसे बाद में लोगों ने जला दिया. अब तीनों ही नेता होर्डिंग लगाने के लिए मोहल्ले के लोगों से माफ़ी मांग रहे हैं. सबसे ख़ास बात तो ये रही कि इन लोगों ने अपने होर्डिंग में कानपुर के सपा अध्यक्ष डॉक्टर इमरान की तस्वीर का इस्तेमाल कर लिया और वो भी बिना उनसे इजाजत लिए.