बहन के समर्थन में उतरी कंगना बु’री तरह फं’सी, मुंबई मे शि’कायत द’र्ज

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देश भर में लागू लॉकडाउन चल रहा हैं और बॉलीवुड के लोग इसका समर्थन भी करते हुए नजर आ रहें हैं. लेकिन दूसरी तरफ अगर बात करें बॉलीवुड इंडस्ट्री की अभिनेत्री कंगना रनौत की तो कोरोना काल में और लॉक डाउन में भी विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ रहें हैं.

दरअसल बीते दिनों रंगोली चंदेल ने अपने ट्विटर पर अपने ट्वीट के जरिए कोरोना वायरस को लेकर समुदाय विशेष पर निशा’ना साधते हुए एक ट्वीट किया था. उन्होंने समुदाय विशेष को नि’शाना बनाया और उन्हें उदार मीडिया के साथ गो’ली मा’रने के लिए कहा और खुद की तुलना नाजियों से की. 

अपनी बहेन रंगोली चंदेल के समर्थन में उतरी कंगना पर मुंबई में शिका’यत द’र्ज कराई गई है. कंगना पर आ’रोप है कि उन्होंने रंगोली की न’फ’रत फैलाने की कोशिश का समर्थन किया है और इस दौरान उन्होंने एक समुदाय विशेष को निशा’ना बनाया है और अपनी शो’हरत का इस्तेमाल धा’र्मिक सौ’हार्द को बि’गाड़ने में किया है.

एडवोकेट अली काशिफ खान देशमुख ने अपनी शिकायत में कंगना पर आईपीसी की धारा 153ए, 153बी, 295ए और 298 के तहत का’र्रवाई की मांग की है. उनके अनुसार, ‘एक बहन ने एक तरफ नफरत फैलाई है तो वहीं दूसरी बहन ने उसका समर्थन किया है. उन्होंने यह समर्थन जानते हुए किया है वह भी तब जब दुनियाभर में रंगोली के दिए बयान की आ’लोचना हो रही है और उनके ट्विटर अकाउंट को भी सस्पेंड कर दिया गया है.

वकील ने आरो’प लगाया है कि कंगना ने अपने सिर्फ निजी स्वार्थ को देखते हुए शोहरत, पैसे, शक्ति का इस्तेमाल कर न’फरत बढ़ाने की कोशिश की है. उन्होंने वीडियो संदेश में जानबूझकर आ’तं’कवादी शब्द का इस्तेमाल एक विशेष समुदाय को बदनाम करने के लिए किया है.

रंगोली के ट्वीट के बाद ट्विटर ने अपनी नियमों का उल्लंघन करार दिया था और रंगोली का अकाउंट संस्पेंड कर दियाउसके बाद रंगोली का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है. अकाउंट सस्पेंड होने के बाद रंगोली का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने ट्विटर को भी खरी खोटी सुनाते हुए इसे पक्षपाती प्लेटफॉर्म करार दे दिया. कंगना ने इस पूरे मामले में रंगोली का समर्थन किया था. इसी वजह से आज दोनों बहेने मुसीबत का सामना करना पड़ रहा हैं.