छद्म लिबरल गैंग को कंगना रनौत ने दिया ये जवाब

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कुछ दिनों से मॉब लिंचिंग और दलितों,मुस्लिमों पर हमले को लेकर सरकार की आलोचना की जारी है। इस विवाद को लेकर देश के 49 दिग्गजों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा था। इसी के जवाब के तौर पर देश की जानी मानी 62 हस्तियों ने उन 49 हस्तियों को जवाब में मुह तोड जवाब देते हुए खुला पत्र लिखा है, जिसमें सरकार का समर्थन किया गया है। पत्र लिखने वालों पर सिलेक्टिव गुस्सा दिखाने और अजेंडा सेट करने का आरोप लगाया है।  

पत्र लिखने वालों में फिल्मकार मधुर भंडारकर,गीतकार प्रसुन जोशी फिल्म अभिनेत्री कंगना रानौत के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के 62 दिग्गज भी शामिल है। इस खुले पत्र में कुछ मुद्दों पर आक्रोश और गलत तथ्य प्रस्तुत करने का आरोप लगाया गया है और सरकार की छवि को बदनाम करने की भी कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। पत्र में पुछा गया है कि जब नक्सल, माओवादी गरीब आदिवासियों की हत्या करते हैं, तब उन लोगों के लिए आवाज क्यों नहीं निकलती और कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ-सबका विकास का मंत्र दिया है। इसमें सबका विश्वास शामिल है और मॉब लिंचिंग एक समस्या है। राज्य सरकारें इस पर सख्त कदम उठा रही है। कंगना रनौत ने कहा कि देश की बेहतरी के लिए चीजों में बदलाव करने की कोशिश हो रही है और कुछ लोग इससे भी परेशानी हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों ने अपने नेताओं को चुना है और जो लोग जनता के फैसले का अपमान कर रहे हैं, उनके मन में लोकतंत्र के लिए कोई सम्मान नहीं है।

खत लिखने वालों में लेखक प्रसून जोशी भी शामिल है और उनका कहना है कि,’ये घटनाएं जानबूझकर की जा रही हैं। वे एक गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश में हैं और वे सरकार के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते हैं।’ बता दें कि 49 हस्तियों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर मॉब लिंचिंग और जय श्री राम के नारे के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की थी।