निर्भया के दोषियों की फांसी पर आया कंगना रानौत का रिएक्शन, कह दी ये बात

निर्भया के दोषियों को 20 मार्च को फांसी हो गयी है. पिछले काफी समय से निर्भया के दोषी खुद को बचाने में लगे हुए थे लेकिन बाद में उनके सारे रास्ते बंद हो गये और आखिरकार उन्हें फांसी पर लटकना ही पड़ा. दोषियों के वकील ने आखिरी समय तक अपनी फांसी टलवाने के लिए हर संभव प्रयास किया लेकिन फांसी से एक दिन पहले उनके सारे क़ानूनी रास्ते बंद हो गये. जिसके बाद सुबह तड़के 5:30 बजे 20 मार्च को तिहाड़ जेल के फांसी घर में फांसी दे दी गयी.

जानकारी के लिए बता दें निर्भया की मां ने भी अपनी बेटी के हत्यारों के फांसी दिलवाने के लिए आखिरी समय तक लड़ाई लड़ी. आशा देवी ने भी ठान लिया था कि वह जब तक अपनी बेटी के आरोपियों को फांसी नहीं दिलवा देती तब तक सारी क़ानूनी लड़ाई लड़ती रहेंगी. पवन, अक्षय, मुकेश और विनय को फांसी देने के बाद भारत में यौन उत्पीड़न के लंबे इतिहास का अध्याय समाप्त कर दिया है. निर्भया केस के समय कई बॉलीवुड हस्तियों ने अपनी आवाज बुलंद की थी. अब उनके दोषियों को फांसी मिलने के बाद बॉलीवुड के स्टार्स की प्रतिक्रया सामने आ रही है.

अभी हाल ही में बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और अपने बयानों से चर्चा में बनी रहने वाली कंगना रानौत ने भी चारों दोषियों की फांसी के बाद तीखी प्रतिक्रया दी है. कंगना इस तरह के मुद्दों पर अपने बेबाक बयान देने के चलते काफी चर्चा में रहती हैं. सामाजिक मुद्दों पर भी वह अपने विचार खुलकर रखती हैं. इसी बीच उन्होंने निर्भया के दोषियों की फांसी के बाद बड़ी बात कही है.

गौरतलब है कि कंगना ने कहा है कि “हमारी न्यायिक प्रणाली काफी पुरानी और अनुचित है. हमारी न्यायिक प्रणाली को एक भयावह बलात्कार और हत्या के मामले में फैसला देने में सात साल लग गए, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. मुझे याद है निर्भया आंदोलन में कैंडल मार्च में भाग लेना. जब मैं क्वीन की शूटिंग कर रही थी उसी दौरान इस अपराध को किया गया था, जिसका न्याय तुरंत होना चाहिए था. एक तरह से हमने निर्भया की मां और पूरे परिवार पर सात साल तक अत्याचार किया.” उन्होंने आगे कहा है कि न्याय प्रणाली ने इस मामले में न्याय देने में काफी समय ले लिया. लोग इस मामले को भूल गये और आगे बढ़ गये. मुझे निर्भया की मां अपनी माँ जैसी लगती हैं क्योंकि मेरी माँ का नाम भी आशा है. उन्होंने आगे बताया कि मुहे याद है कि जब मेरी बहन रंगोली पर एसिड अटैक हुआ तो आरोपी को जमानत मिल गयी थी, जिसके चलते लोग हमसे काफी सवाल किया करते थे कि हमने उसे जाने कैसे दिया. उस समय मुझे भी न्यायपालिका पर गुस्सा आता था.