मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना को लेकर उड़ रहा है कांग्रेस का मजाक! जानिये क्या है इसके पीछे की वजह

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विपक्ष के नेता सरकार विरोध में कभी कभी ऐसी मुद्दे उठा लेते हैं जिसमें वे खुद फंस जाते हैं.. ऐसा एक बार नही कई बार हो चूका है.. आपको याद होगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि अगर कोई पकौड़ा तल कर पैसा कमा रहा है, अपनी अजीवीका चला रहा है तो वो भी तो एक रोजगार माना जाना चाहिए.. प्रधानमंत्री मोदी का इतना कहना ही विपक्ष के नेताओं के लिए बैठे बैठे एक मुद्दा मिल गया और लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी के इस तर्क का मजाक उड़ाने में लग गये… अब मध्य प्रदेश सरकार की एक ऐसी योजना सामने आई है जो पकौड़ा योजना का मजाक उड़ाने वाला मुंह बंद करने के लिए काफी है… कमलनाथ सरकार की इस योजना पर लोगों के काफी मजेदार रिएक्शन आये हैं हम आपको उसे आगे बताएँगे लेकिन उससे पहले इस योजना के बारे में जान लीजिये

अब कांग्रेस के कमलनाथ जी ने बेरोजगारी खत्म करने का नया फंडा निकाला है रोजगार चाहिए तो बेंड बाजा बजाना जरुर आना चाहिए दरअसल मध्य प्रदेश सरकार युवाओं को अब पशु चराने की भी ट्रेनिंग देगी। इसके लिए बाकायदा पोस्ट निकाली गई हैं। इनके लिए युवाओं ने आवेदन भी किए हैं। अब तक जिले की तीनों नगरीय निकायों में 26 पदों के लिए 17 आवेदन आ चुके हैं. इसे कहते हैं पकौड़ा योजना का जवाब.. यही माननीय कमलनाथ जी सत्ता से दूर थे तब पकौड़ा योजना का जमकर मजाक उड़ा रहे थे.. सरकार पर तंज कस रहे थे… अब यही कमलनाथ मध्य प्रदेश के युवाओं से गाय. भैंस, भेड़, बकरी और सूअर चराने के लिए आवेदन मांगे हैं…शादी में बैंड बजाने की योजना की शुरुवात की जा रही हैं.  मध्य प्रदेश के युवाओं को मैं यह भी बताना चाहता हूँ कि अगर आपको इन सब का ज्ञान नही है कि भैस कैसे चराई जाती हैं, भेड़ कैसे घुमाए जाते हैं और बैंड की ताल कैसे बनायी जाती है तो सरकार आपको इसके लिए  ट्रेनिंग भी मुहैया करवाएगी.. मतलब पकौड़ा योजना को पूरी तरह ध्वस्त करने की तैयारी कमलनाथ सरकार ने कर ली है..

मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना को लेकर बीजेपी नेताओं ने तंज कसा है. अब जब सरकार की इस योजना की भनक सोशल मीडिया पर लोगों को चली तो उन्होंने कमलनाथ और कांग्रेस को एक से बढ़कर एक सलाह देनी शुरू कर दी.. इसे आप भिगो भिगोकर मारे जाना तंज भी कह सकते हैं.. आइये हम आपको दिखाते हैं..

स्वेता ना की यूजर ने लिखा कि लगे हाथ एक अखिल भारतीय नागिन डांस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी खोल दीजिये.. यहाँ से निकलने वाले डांसरों को आप उसी बैंड के साथ भेजिए जिन्हें आप तैयार करवा रहे हैं… इससे नौकरी के साथ साथ, सहायक उद्योग के रूप में शादी का आयोजन करने वालों के लिए सुविधा मिलेगी..

अभिषेक सिन्हा नाम के यूजर लिख रहे हैं कि चचा चाहते हैं कि जब दिल्ली, वेस्ट बंगाल, बिहार और यूपी के लोग बैंड बजाने वालों को अगर पलट कर देखे तो उनपर TRAINED इन छिंदवाडा लिखा हुआ मिले…

शैलेन्द्र लिखते हैं कि अब इन्ही से पूछा जाए कि पकौड़ा तलना ठीक है या पूरे देश को नचनिया बनाना?
लोगो का कहना है कि सत्ता में आने से पहले से जहाँ एक तरफ राहुल गाँधी कहते थे कि सत्ता में आने के बाद हम प्रदेश के हर युवा को रोजगार देंगे तो वहीँ अब खबर मिल रही हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ युवाओं के लिए पशु चराने और बैंड बजाने का रोजगार दे रहे हैं.. लोगों का कहना है कि पहले किसान के कर्ज माफ़ी को लेकर कांग्रेस ने ठगा और अब रोजगार के नाम पर ठग रही हैं…. लेकिन अब यहाँ एक बार फिर आपको बताएँगे कि इस योजना की शुरुवात करने वाले लोग वही हैं जिन्होंने पीएम मोदी के पकौड़ा वाले बयान का मजाक उड़ाया था जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कोई किसी ऑफिस के बाहर पकौड़ा तल रहा है तो क्या वह एक रोजगार नही है!

पंकज भारद्वाज कह रहे हैं कि वादा किया मेड इन छिंदवाड़ा मोबाइल चीन में बिकवाने का, पर हकीकत में हुआ ये की जिन युवाओं को मोबाइल को मोबाइल फैक्ट्री का एम डी या सुपरवाइजर बनना था अब वो बैंड बजाने की ट्रेनिग लेकर शादियों में बैंड बजायेंगे या ढोर चरायेंगे इसी के साथ सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी का एक विडियो सामने आया है आप बी देख लीजिये.. लोग इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं ढोल वैसे राहुल गाँधी जी भी अच्छा बजा लेते हैं. ये सब आम लोगों का रिएक्शन था लेकिन अब हम आपको जो बताने जा रहे हैं उसे आपको जरुर सुनना चाहिए! विपक्ष में बैठकर नेताओं का काम सिर्फ विरोध करना ही नही होना चाहिए… हर योजना का मजाक ही नही उड़ाना चाहिए… तर्कों को कुर्तकों में नही बदलना चाहिए…

प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ समझाने के लिए कहा था कि पकौड़ा तलना एक रोजगार के जैसा ही है तो सरकार के विपक्षी और विरोधी नेताओं ने जमकर मजाक उड़ाया था.. सरकार का मजाक उड़ाने के लिए चक्कर में इन विपक्षी नेताओं ने कहीं ना कहीं उन दुकानदारों का भी मजाक उड़ा दिया था जिनका रोजगार ही पकौड़ा, समोसा और चाय बेचना है.. विरोध करना अच्छी बात है लोकतंत्र ने आपको स्वतंत्रता दी है लेकिन अंध विरोध अच्छी बात नही है.. पकौड़ा का मजाक उड़ाने में इन नेताओं की मुंह की खानी पड़ी थी.. खैर अब आप सोचिये कि आपको किस योजना को अपनाना है… पकौड़ा तलना है, भैंस चराना है, बकरी घुमाना है या फिर बैंड बजाना है.. या फिर कुछ और करना है.

ये बात सभी को समझना चाहिए कि रोजगार रोजगार होता है. रोजगार का सम्मान होना चाहिए. चाहे वो पकौड़ा तलना हो, चाहे भैस चराना हो, चाहे बैंड बजाना हो.