कमलेश तिवारी के बेटे पर अब क्यों हो रही है घटिया राजनीति!

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कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या कर दी गयी, खबर सामने आते ही ये खबर आग की तरह फ़ैल गयी.. पुलिस महकमें से लेकर राजनीति में भी हडकंप मच गया.. जिस तरह हत्या हुई थी उसे देखकर तो सब अचंभित थे. इसके बाद बवाल हुआ. परिवार ने मुख्यमंत्री के ना आने तक अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया.. हालंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे मिलने की आश्वासन दिया तब जाकर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ..
 रविवार को kamlesh तिवारी का परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की… अब आप तो जानते ही है कि उत्तर प्रदेश में कुछ नेता कितने निम्न स्तर की राजनीति करते हैं और इसी तरह की राजनीति के लिए जाने भी जाते हैं.. अब आप सोच रहे हैं कि आखिर इस खबर में मै घटिया राजनीति कहाँ से लेकर आ गया.. बताता हूँ..बताता हूँ लेकिन जरा ध्यान से सुनियेगा.. पूरा सुनिएगा

मुख्यमंत्री से मुलाक़ात करने के बाद परिवार की कुछ तस्वीरें सामने आई.. जिसमें पूरा परिवार मुख्यमंत्री के सामने बैठा है और उनमें बातचीत हो रही है.. लेकिन इसमें से एक तस्वीर ऐसी भी है कि जिसको लेकर अखिलेश भैया के प्रवक्ता घटिया राजनीति पर उतर आये हैं. दरअसल तस्वीर में kamlesh तिवारी के दोनों बेटे मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री से आशीर्वाद ले रहे थे. उनके पैर छू रहे थे.. इस तस्वीर को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता माननीय एक सौ आठ आई पी सिंह क्या कह रहे हैं जरा ध्यान से देखिये…जानबूझकर स्व0 कमलेश तिवारी जी के परिवार को अपमानित करने के उद्देश्य से इस angle की फोटो सरकार ने जारी की।इनका #मकसद #सिर्फ #अपमानित #करना है. ब्राहमण का बेटा कबसे पहाड़ी ठाकुर का पैर छूने लगा,हिन्दू धर्म में हर्गिश ऐसा वर्जित है.

ये तो रही समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता की बात, जो ये कह रहे हैं कि एक ब्राह्मण का बेटा ( kamlesh का बेटा) पहाड़ी ठाकुर (योगी आदित्यनाथ) का पैर कैसे छू सकता है. 

अब मैं कहता हूँ.. आईपी सिंह जी आपकी पार्टी और आप जैसे नेता जब तक रहेंगे तक तक जातिवाद कभी खत्म नही हो सकता है. मैं अपने दर्शकों से कहना चाहता हूँ.. पहचानिए इन लोगों को जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं वो भी ऐसे समय में जब परिवार एक दुःख को झेल रहा है. उसी परिवार के सहारे ये नेताजी अपनी धोती चमकाने में लगे हैं.. नेता जी.. आईपी सिंह जी आपने एक सवाल पूछना चाहता हूँ.. अखिलेश यादव जी मतलब आपके अध्यक्ष जी और उनकी धर्म पत्नी डिम्पल यादव मायावती का पैर कैसे छू सकती हैं… और अगर वो सही था तो अब गलत क्यों है? और क्या गलत है?
  वैसे सोशल मीडिया पर सिंह साहब को लोगों ने क्या-क्या नही कहा है. ढंग से इनसे बात की गयी है. इन्हें समझाया गया है कि संस्कृति क्या होती है? बड़ों का सम्मान क्या होता है?


सिंह साहब पैर छूने पर ये नही देखा जाता है कि किस जाति का लड़का किस जाति के आदमी का पैर छू रहा है लेकिन ये जरूर देखा जाता है कि छूने वाला सामने वाले से छोटा है उम्र में! यहाँ कोई नेतागिरी या चमचा गिरी नही चल रही थी कि गठबंधन हो गया तो मंच पर ही पर उसके पैर छूए जिसको आप पानी पीकर कोसते रहे.. इतना ही नही योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के साथ साथ एक मठ के महंत भी है.. और महंत की कोई जाति नही होती है.. समाजवादी पार्टी के अधिकतर नेताओं की राजनीति ही जातिवाद पर चलती है. ये जाति के नाम पर लोगों को भडकाने में कोई कसर नही छोड़ना चाहते. आपको ऐसी पार्टी और ऐसे नेताओं से जरूर बचना है. ये आपका काम है कि कैसे बचते हैं.. हमारा काम ऐसे लोगों की असलियत आपके सामने लाना था हम ले आये.. वाकई तकलीफ होती है इन नेताओं के इस तरह के बयानों से… ये एक विशेष समुदाय को विलेन बनाते हैं और अगर मामला उल्टा है कि विलेन दुसरे समुदाय का है तो ये जातिवाद में फंसाते हैं.. शर्म करो अखिलेश भैया.. ये वाले राजनीति के दिन अब गये.. थोडा सा अपने इस तरह के जातिवादी नेताओं को समझाओ..


हालाँकि kamlesh तिवारी की माँ का बदलता बयान चौकाने वाला है. मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के बाद kamlesh तिवारी की मां ने कहा कि योगी हमारे बेटे जैसे हैं. मैंने आज अपने बड़े बेटे से मुलाक़ात की है. उन्होंने विश्वास दिलाया है कि हमें इन्साफ मिलेगा और विश्वास ही सबकुछ होता है. वैसे योगी सरकार से परिवार जो भी मांगे की थी खबर के मुताबिक सभी मांगे सरकार ने मांगी ली है, घर आने के बाद kamlesh की मां ने कहा कि उन्हें जबरदस्ती ले जाया गया था जबकि कमलेश के परिवार ने ही धमकी दी थी कि अगर योगी परिवार से नही मिले तो वो आत्मदाह कर लेंगे, अब योगी से मुलाक़ात के बाद ये कहना है कि हम अभी घर से नही निकल सकते,हमें जबरदस्ती लाया गया था. आखिर क्यों kamlesh तिवारी की मां का बयान बार बार बदल रहा है. खैर हत्यारों की तलाश जारी है और साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस लगातार दविश दे रही है. छापेमारी चल रही है. पुलिस का कहना है जल्द ही आरोपी उनके पकड़ में होंगे. पर एक चीज अब शुरू हो रही है वो है गन्दी राजनीति.. इस मामले को अब तक धर्म के रूप पर देखा जा रहा था लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हमेशा की तरह इस मुद्दे को जातिवाद पर लाकर खड़ा कर दिया है.

खैर कमलेश तिवारी के हत्यारे पुलिस पकड़ से बाहर है पुलिस ने इन पर ढाई लाख का इनाम भी रख दिया है. वहीँ इस केस से जुड़े जितने भी लोग अब तक गिरफ्तार हुए थे उन्हें लखनऊ पहुंचाया गया है.