पकड़े गए कमलेश तिवारी के हत्यारे, सूरत में बनाया था सारा प्लान

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हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी कि हत्या के 24 घंटों बाद ही ये मामला सुलझता दिख रहा है. लखनऊ से लेकर सूरत तक ताबड़तोड़ छापे मारे गए और तीन लोगों को हिरासत में लिया गया. कमलेश के हत्यारों की एक गलती उनपर भरी पड़ गई. जिस मिठाई के डब्बे में हथियार छुपा कर लाये थे उसी डब्बे पर छापे दूकान के नाम और पते ने केस का रुख लखनऊ से गुजरात के सूरत की और मोड़ दिया.

भागते वक़्त हत्यारे मिठाई का डब्बा घटनास्थल पर ही छोड़ कर फरार हो गए. डब्बे पर धरती स्वीट्स सूरत का नाम था. उसके बाद गुजरात ATS और सूरत क्राइम ब्रांच ने मिठाई दुकान के CCTV फुटेज खंगाले और सन्देश के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया. इनके नाम है – रशीद पठान, मोहसिन शेख और फैजान.

मौलाना मोहसिन शेख सलीम साड़ी की दुकान पर काम करता है. दूसरा व्यक्ति फैजान भी जिलानी अपार्टमेंट सूरत का रहने वाला है और तीसरा शख्स रशीद अहमद दर्जी का काम करता है और कंप्यूटर का जानकार है.

यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि इस वारदात में शामिल संदिग्धों से प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि हत्या की साजिश के पीछे मुख्य वजह कमलेश तिवारी का 2015 का भड़काऊ भाषण था.  डीजीपी ने कहा कि आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है.

प्रेस कांफ्रेंस में डीजीपी ने बताया कि, “’सूचनाएं और सुराग मिलने के बाद शुक्रवार को ही छोटी-छोटी टीमों को गठित किया गया था. हमारी टीम ने छानबीन में पाया कि घटना के तार गुजरात से जुड़े हुए हैं. मिठाई के डिब्बे से जो सुराग मिले उसके बाद मैंने स्वयं गुजरात के डीजीपी से बात की और महत्वपूर्ण सूचनाओं को हासिल करना शुरू किया. मिठाई का डिब्बा सूरत जिले की जिस दुकान से संबंधित था, वहां के आस-पास की सीसीटीवी फुटेज की छानबीन से एक संदिग्ध व्यक्ति फैजान यूनुस भाई की पहचान की गई.”