फ्लोर टेस्ट से पहले कमलनाथ की सरकार गिरना तय? 16 विधायकों के इस्तीफे को लेकर आ रही ये खबर

मध्यप्रदेश में पिछले काफी समय से चल रही सियासी हलचल के बाद कमलनाथ सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ को बड़ा झटका देते हुए 20 मार्च को फ्लोर टेस्ट करने का आदेश दिया है जिसके बाद से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. पिछले कई दिनों से कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सरकार बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रहे थे लेकिन अब आखिरकार उल्टी गिनती शुरू हो गयी है.

जानकारी के लिए बता दें सुप्रीम कोर्ट ने जब 20 मार्च को फ्लोर टेस्ट करने का आदेश दे दिया तो कांग्रेस और बीजेपी ने अपने-अपने विधायकों को व्हिप जारी कर दिए थे. सभी विधायकों से कहा गया है कि वह फ्लोर टेस्ट के समय मौजूद रहें. बीजेपी के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि भाजपा के विधायक सरकार खिलाफ मत देकर अपना काम करें. वहीं सबसे बड़ी खबर इसी बीच कांग्रेस को लेकर आ रही है.

दरअसल विधानसभा स्पीकर ने 22 में से सिर्फ 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किये थे जोकि मंत्री थे वहीं बाकी 16 विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार नही किया गया था लेकिन अब गुरूवार देर रात अन्य 16 विधायकों के इस्तीफे को स्पीकर ने स्वीकार कर लिया है जिससे कांग्रेस को झटका लगना लगभग अब तय माना जा रहा है. स्पीकर एनपी प्रजापति ने सभी विधायकों के इस्तीफे अब स्वीकार कर लिए हैं. वहीं सूबे के सीएम 12 बजे 20 मार्च को प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं.

गौरतलब है कि अब 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को सदन में बहुमत साबित करना बेहद मुश्किल हो जायेगा क्योंकि अब उनके विधायकों की संख्या 92 ही रह गयी है. अब बहुमत का आंकड़ा 104 है क्योंकि 230 विधानसभा सीट में से 2 अब इस दुनिया में नही रहे हैं और 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. भाजपा के पास इस समय 107 विधायक हैं यानी कि बहुमत के आंकड़े से भी 3 ज्यादा और कांग्रेस के पास 92 हैं. ऐसे में अगर कांग्रेस को 4 निर्दलीय, सपा के 2 और बसपा का 1 विधायक भी समर्थन दे देते हैं तब भी ये आंकड़ा 99 ही रह जायेगा. अब अन आंकड़ों को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि क्या ऐसे में कमलनाथ अपनी सरकार बचा पाएंगे? वहीं दिग्विजय सिंह ने तो हार मानते हुए ये भी कह दिया है कि सरकार बचाना अब मुश्किल है. ऐसी स्थिति में कमलनाथ की सरकार जाना लगभग तय माना जा रहा है.