मध्यप्रदेश सरकार में आपस में ही घ’मासान मचा हुआ है. जिसकी वजह से मध्यप्रदेश सरकार लगातार चर्चाओं में बनी हुई हैं. एक तरफ ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी ही पार्टी के खि’लाफ तीखे बोलो से बा’र करते हुए नज़र आये है. अभी कुछ दिनों पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी पार्टी पर बा’र करते हुए कहा कि अगर सरकार की तरफ से किये गए वा’दे पूरे नहीं किये गए तो वो खुद अपनी सरकार के खि’लाफ सड़कों पर उतरेंगे. जिसके बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री कमलनाथ फिर से अपनी सरकार के नि’शाने पर आ गए हैं.

बता दें मध्य प्रदेश सरकार में पर्यावरण और PWD मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर नि’शाना साधते हुए कहा कि नौकरशाह मुख्यमंत्री की किचन कैबिनेट का हिस्सा है. और उन्हें PCC अध्यक्ष के लिए जगह देनी चाहिए लेकिन वो जगह छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं है. दरअसल सज्जन सिंह वर्मा ने यह एक कार्यक्रम के दौरान अपने भा’षण में कहा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के केबिनेट में अनुभवी और राजनेताओं को होना चाहिए था लेकिन इसमें तो नौकरशाह केबिनेट का हिस्सा है. वही ये किसी भी राजनेताओं की सि’फारिस से नहीं वल्कि मुख्यमंत्री के नौकरशाहों की वजह से है.

इसी के साथ सज्जन सिंह ने आगे कहा कि मैं सच बोलने से ड’रता नहीं हूँ. मैं मुख्यमंत्री को उन लोगो से जरुर अवगत करवाऊंगा जिन्होंने इतने सालों से सं’घर्ष किया हैं और अभी भी सं’घर्ष कर रहे हैं. दूसरी तरफ सज्जन सिंह ने दिग्विजय सिंह पर भी नि’शाना साधते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ने कैलाश विजयवर्गीय को कान में फुसफुसाते हुए कहा की चिं’ता करने की जरूरत नहीं है. सरकार हम ही चला रहे है आपके लोगों और आपको कोई दि’क्कत नहीं होगी. गौरतलब है मध्यप्रदेश की राजनीति में हर रोज एक नया अध्याय खुल जाता है. नेता अपनी ही सरकार को नि’शाना बनाने में लगे हुए हैं.