मध्यप्रदेश में सरकार बचाने के लिए कमलनाथ ने चल दी है ये नयी चाल, जानिए क्या हुआ ?

मध्यप्रदश में सियासी हलचल जारी है. कमलनाथ की 15 महीने पुरानी सरकार इस समय संकट में है. सिंधिया समेत 22 विधायकों ने इस्तीफा देकर कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वहीं सिंधिया के बीजेपी ज्वाइन करने के बाद बीजेपी ने उनको लेकर बड़ी घोषणा भी कर दी है. जैसे ही सिंधिया ने बीजेपी ज्वाइन की उसके कुछ समय बाद ही बीजेपी ने उन्हें मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया.

जानकारी के लिए बता दें कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार का गिरना लगभग तय माना जा रहा है. 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास महज अब 92 विधायक बचे हैं वहीं बीजेपी के पास इस समय 104 विधायक हैं जिससे बीजेपी आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी. अब वहीं कांग्रेस ने भी अपनी सरकार बचाने के लिए हर सम्भव कोशिश शुरू कर दी है.

संभावना ये जताई जा रही है कि विधानसभा अध्यक्ष 22 में से 21 विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर देंगे. इसके पीछे बड़ी वजह ये है कि इस्तीफे में राज्य विधानसभा शब्द लिखा ही नहीं गया है, 22 विधायकों में से एक मात्र बिजेंद्र सिंह यादव ऐसे विधायक हैं जिन्होंने अपने पत्र में विधानसभा शब्द का इस्तेमाल किया है. बाकी सभी विधायकों ने केवल सभा लिखा है जिसके चलते अब कांग्रेस नया दांव चल सकती है.

गौरतलब है कि विधानसभा के अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि इस बात के आधार पर इन विधायकों के इस्तीफे अस्वीकार हो सकते हैं. वहीं दूसरी कारण ये भी बताया जा रहा है कि इन विधायकों ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर नहीं बल्कि ईमेल के माध्यम से इस्तीफे दिए हैं. अब कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने बुधवार को एक याचिका पेश करते हुए कहा है कि इस्तीफा देने वाले 22 विधायकों में से 6 विधायकों को अयोग्य ठहरा दिया जाए. बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने वाले मंत्री और विधायक बेंगलुरु के एक रिजोर्ट में ठहरे हैं वहीं से इन्होने ईमेल करके अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष को भेजे हैं.