मध्यप्रदेश में चल रही सियासी हलचल के बीच बोले कमलनाथ, मैं बिलकुल साबित नहीं करूँगा..

मध्यप्रदेश में सियासी हलचल तेज होती जा रही है. एक तरफ बीजेपी अपनी सरकार बनाने के लिए दावेदारी कर रही है तो वहीं दूसरी ओर कमलनाथ सरकार बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं. सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के इस्तीफे के बाद एमपी में कमलनाथ सरकार संकट में आ गयी है. राज्यपाल लाल जी टंडन ने दो बार कमलनाथ को चिट्ठी लिख फ्लोर टेस्ट करने के लिए बोल चुके हैं. इसके बावजूद भी कमलनाथ अपनी बात पर अड़े हुए हैं.

जानकारी के लिए बता दें कांग्रेस के बागी विधायक इस समय कर्नाटक के बेंगलुरु के रामदा होटल में ठहरे हुए हैं. दिग्विजय सिंह लगातार बीजेपी पर अपने विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगा रहे हैं. कमलनाथ ने आजतक पर दो टूक कहा है कि वह बहुमत साबित नहीं करेंगे और न ही इस्तीफे के बारे में सोचा है. उन्होंने कहा है कि हमारे विधायकों को डरा-धमका कर बेंगलुरु के रिजोर्ट में बंधक बनाकर रखा गया है. उन्होंने कहा है कि पहले उन्हें छोड़ा जाये और वो अपनी बात स्पीकर के सामने रखें.

जहाँ एक तरफ कमलनाथ ये बात कह रहे हैं कि उनके विधायकों को डरा-धमका कर बंधक बनाकर रखा गया है. वहीं जब दिग्विजय सिंह कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने के लिए बेंगलुरु में पहुंच गये और उनसे मिलने के लिए धरने पर बैठ गये तो बेंगलुरु में मौजूद विधायकों ने अपने-अपने वीडियो जारी कर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह को बड़ा झटका दे दिया.

गौरतलब है कि विधायकों ने वीडियो जारी कर कहा है कि वह अपनी मर्जी से यहाँ आए हैं और जब उनका मन करेगा वो चले जायेंगे. हमें कांग्रेस के किसी भी नेता से नहीं मिलना है. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की वजह से ही हम भोपाल से भागकर आए हैं, एक विधायक ने तो ये भी कहा कि दिग्विय सिंह की वजह से ही कांग्रेस का बंटाधार हो रहा है. वहीं सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर कमलनाथ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश होगा उसे हम स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी हमारी सरकार बहुमत में है तो हम फ्लोर टेस्ट क्यों करें. अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला सुनाता है.