पुलवामा मसले से इतर कमल हासन भी आज़ादी गैंग का समर्थन कर रहे है

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पुलवामा हमले के बाद जहाँ पूरा देश एकजुट होकर हमले के जिम्मेदार, पाकिस्तान पर करवाई करने की मांग कर रहा है. वहीं देश के भीतर बैठे कुछ बड़े सेलेब्रेटी लोग.अपनी बेतुकी बयानबाजी से बाज नही आ रहे. वो ऐसे माहौल में भी ऐसी बातें कर रहे है. जिससे आम जनता के साथ साथ सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर होता है. ऐसे ही एक जाने माने एक्टर है कमल हासन. परिचय के मोहताज नही है. साउथ की फिल्मों के बड़े नाम है. बॉलीवुड में भी कितनी ही हिट फिल्में कर चुके है.आजकल एक्टिंग छोड़कर राजनीति में उतरे है. अपनी पार्टी बना चुके है. चुनाव भी लड़ना है इसीलिए हमेशा चुनावी मोड में रहते है.

यहां तक तो सब ठीक है लेकिन कमल हासन ने जो बयान दिया है उसे सुनकर हर भारतीय को शर्म आएगी. उनके बयान का विश्लेषण हम बाद में करेंगे पहले उनका बयान आपको बता देते है…
“कमल हासन ने देश की कश्मीर नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार कश्मीर में जनमत संग्रह कराने से क्यों कतरा रही है? कमल हासन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को ‘आज़ाद कश्मीर’ भी बताया है. कमल हासन ने कहा, ‘‘भारत कश्मीर में जनमत संग्रह क्यों नहीं करा रहा है. सरकार किससे डरती है?” भारत और पाकिस्तान दोनों के नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कमल हासन ने कहा, ”हमारे जवान क्यों मरे? अगर दोनों देशों के नेता ठीक से व्यवहार करें तो किसी जवान के मरने की जरुरत नहीं पड़ेगी. लाइन ऑफ कंट्रोल भी अंडर कंट्रोल रहेगा.”कमल हासन ने कहा, ”जनमत संग्रह करो और लोगों से बात करो. उन्होंने ये क्यों नहीं किया? वे किस चीज से डरते हैं? वे सभी राष्ट्र को विभाजित करना चाहते हैं?आप उनसे दोबारा क्यों नहीं पूछते? वे ऐसा नहीं करेंगे? अब यह (कश्मीर) भारत का है, यही स्थिति सीमा पार भी रहती है. आजाद कश्मीर में वे जिहादियों की तस्वीरों का इस्तेमाल गाड़ियों में हीरो के रूप में चित्रित करने के लिए कर रहे हैं, यह भी एक मूर्खतापूर्ण बात है.”इस अभिनेता ने ये भी कहा कि जब कोई ये कहता है कि आर्मी के लोग कश्मीर में मरने के लिए ही जाते हैं तो उन्हें बहुत दुख होता है.”

इस बयान को सुनने के बाद आपके दिमाग मे क्या चल रहा है हमे नही पता लेकिन हम क्या कहना चाहते है वो आपको बता देते है. कमल हासन जी कश्मीर हमारे देश का अभिन्न अंग है भारत माँ का मस्तक है. ये महज कोई जमीन का टुकड़ा नही, कोई बेटा अपने माँ के साथ नही रहना चाहता ये उसकी समस्या हो सकती है, लेकिन माँ को घर निकाला दे दिया जाए ऐसा तो नही होता ना जनमत संग्रह आप बेशक कराइये, लेकिन पहले जनसंख्या का अनुपात बराबर करा लीजिए. वो कश्मीर जहाँ के पंडित देश दुनिया मे अपनी विद्वता के लिए मशहूर थे. उन्हें उनके घरों से लात मार कर भगा दिया गया, पहले उन्हें उनका अधिकार दिला दीजिये. जब दोनों समुदायों की स्थिति पहले की तरह हो जाये तब जनमत संग्रह करा लीजिएगा.

और हां गुलाम कश्मीर को आज़ाद कश्मीर कह कर… आपको नही लगता कि आप अपनी बीमार मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे है..?? कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था है और आगे भी रहेगा. अच्छा होगा आप पाकिस्तान को नसीहत दीजिये की हमारे कश्मीर के जिस भू भाग पर उसने अवैध कब्जा जमा रखा है .उसे खाली करे.आपको नसीहत है कि राजनीति करिये लेकिन ओछी नही अच्छी और साफ सुथरी, देश इस वक़्त जिस दौर से गुजर रहा है उसे समझिए नही समझ पा रहे तो निवेदन है, शांत रहिये.ऐसे वक्त में ऐसे उल्टे पुल्टे बयान माहौल को और खराब कर सकता है.