खुद को भगवान विष्णु का कल्कि अवतार बताने वाले ढोंगी बाबा पर आयकर विभाग का छापा

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पुराणों में जिक्र है कि कलियुग के अंतिम चरम में भगवान विष्णु का दसवां अवतार होगा और इसे कल्कि अवतार कहा जाएगा. अभी कलियुग का प्रथम चरण ही चल रहा है लेकिन कुछ लोगों ने अभी से ही कल्कि भगवान के नाम पर आश्रम बना कर पूजा-पाठ और कर्मकांड शुरू कर दिया है. कुछ लोग तो ऐसे हैं जो खुद को ही कल्कि अवतार बताते हैं और हमारे देश में मूर्खों की संख्या भी इतनी ज्यादा है कि ढोंगियों पर भरोसा कर के उसे भगवान की तरह पूजने भी लगते हैं.

ऐसे ही एक फर्जी बाबा के साम्राज्य का पर्दाफ़ाश हुआ है जो खुद को कल्कि भगवान कहता है. इस ढोंगी बाबा का नाम है विजय कुमार नायडू. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस स्वयंभू कल्कि भगवान और इसके बेटे कृष्णा के कई ठिकानों पर पिछले तीन दिनों में छापेमारी की और करोड़ों के साम्राज्य का पर्दाफ़ाश किया.

कल्कि भगवान का आश्रम

चेन्नै, बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश के चित्तूर के साथ-साथ 40 अन्य जगहों पर की गई छापेमारी में आयकर विभाग ने 43.9 करोड़ रुपये, 25 लाख डॉलर और 1271 कैरेट का हीरा बरामद किया गया है. इस हीरे की कीमत 5 करोड़ रुपये है. अधिकारियों के मुताबिक, 500 करोड़ रुपये की अघोषित आय की जानकारी भी सामने आई है. छापेमारी में ये बात सामने आई कि इस फर्जी बाबा और इसके संस्थान ने चीन, अमेरिका, सिंगापुर और यूएई में भी निवेश कर रखा है और साथ ही इसे विदेशों से धन भी प्राप्त होता है.

खुद को कल्कि भगवान कहने वाला विजय कुमार नायडू पहले LIC में क्लर्क के रूप मे काम करता था. बाद में इसने क्लर्क की नौकरी छोड़ कर एक शिक्षण संस्थान की शुरुआत की लेकिन वो संस्थान चला नहीं और उसका दिवाला निकल गया. उसके ऊपर कई कर्जे थे इसलिए विजय नायडू अंडरग्राउंड हो गया. कुछ साल अंडरग्राउंड  रहने के बाद साल 1989 में खुद को भगवान विष्णु का दसवां अवतार कल्कि भगवान बताते हुए चितूर में प्रकट हुआ. पहले उसने एक छोटा सा आश्रम खोला. लेकिन कुछ ही सालों में उसने अपने आश्रम का विस्तार आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडू में भी कर लिया.

विजय नायडू ने खुद को और अपनी पत्नी पद्मावती को दैवीय रूप बताया. इसके आश्रमों में देश ही नहीं विदेशों से भी लोग आते. बड़े बड़े लोग दर्शन के लिए आश्रम में कतार लगाते हैं. कल्कि भगवान के साधारण दर्शन के लिए 5 हज़ार और विशेष दर्शन के लिए 25 हज़ार रुपये लगते थे.

लेकिन कहते हैं न कि झूठ ज्यादा दिनों तक छुपा नहीं रह सकता. कल्कि भगवान के भी झूठ का किला ढहने लगा. कल्कि भगवान की मुसीबतें तब शुरू हुई जब उसके बेटे कृष्णा के खिलाफ सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्ज़ा कर रियल स्टेट साम्राज्य खड़ा करने की शिकायत आई. 2010 ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले की जांच करने का आदेश दिया. उसके बाद कथित कल्कि भगवान के पुरे परिवार के खिलाफ कई शिकायतें समय समय पर आती रही.

लम्बे समय से ये आश्रम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रडार पर था. आयकर विभाग ने बताया कि शुरुआती जांच में वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए 409 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है. हिन्दू धर्म में 33 कोटि देवी देवता है. लेकिन फिर भी लोग पागलों की तरह किसी भी स्वयंभू बाबा और स्वयंभू भगवान के पीछे आँखे बंद कर चल पड़ते हैं और अपना सब कुछ लुटा देते हैं.