कैलाश मानसरोवर सड़क के नि’र्माण पर नेपाल ने जताई आपत्ति, भारत ने दिया ये जवाब

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भारत और नेपाल के बीच तना’वपूर्ण स्थिति बन गयी है. दरअसल हुआ यह कि भारत की तरफ से सड़क का नि’र्माण किया जा रहा है जो लिंक रोड घियाबागढ़ से निकल कर लिपुलेख पास, कैलाश-मानसरोवर के प्रवेश द्वार पर समा’प्त होगा. जिस पर नेपाल ने आप’त्ति जाहिर करते हुए कहा है कि भारत की ओर से नेपाल के क्षेत्र से होकर लिपुलेख दर्रे तक लिंक रोड का निर्मा’ण दु’र्भाग्यपूर्ण है.

जिस पर सियास’त तेज़ हो गयी है. वही नेपाल की संसद में विदेश मंत्री ने कहा कि यह सड़क निर्माण दोनों देशों के बीच समझ के खि’लाफ है और बातचीत के माध्यम से सीमा से संबं’धित मु’द्दों का ह’ल खोजा जाएगा. ग्यावली ने विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बया’न को पढ़ते हुए दा’वा किया कि लिपुलेख और काला’पानी क्षेत्र नेपाल के क्षेत्र के अं’तर्गत आते हैं और भारत के साथ बातचीत के माध्य’म से इसे हल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार संप्र’भु समा’नता के सिद्धां’त और रा’ष्ट्र हि’त को केंद्र में रखकर भारत के साथ सी’मा वि’वादों को ह’ल करना चाहती है.

जिस पर भारत ने आप’त्ति को ख़ा’रिज करते हुए कहा कि सड़क का निर्मा’ण पूरी तरीके से भारतीय क्षेत्र के अंदर ही किया जा रहा है. इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को पिथौरागढ़-धारचूला से लिपुलेख को जोड़ने वाले 80 किलोमीटर सड़क मार्ग का वीडियो कांफ्रें’सिंग के जरिये उद्घा’टन किया. बता दें इस सड़क का नि’र्माण इस लिए किया जा रहा है ताकि तीर्थ यात्रा के लिए कैलाश मान सरोवर जाने वालो को जो 3 ह’फ्ते का समय लगता था उसमे उन्हें केवल 1 हफ्ते का ही समय लगे.

जाहिर है तीर्थयात्रियों की आ’स्था और यात्रा के समय आने वाली परेशानि’यों को ध्यान में रखते हुए यह निर्मा’ण किया जा रह है ताकि आने वाले समय में तीर्थ’यात्रियों को दि’क्कतों का सामना न करना पड़े.