काबुल में एक बार फिर अंतिम संस्कार के दौरान सिखों पर हमले की कोशिश, भारत ने जताई चिंता

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आतंकवादियों का ना तो कोई धर्म होता है और न ही उनका कोई ज़मीर होता है. उनका काम सिर्फ दुनिया भर में दहशत फैलाना होता है. मासूम और बेगुनाह लोगो की जान लेने के अलावा उनका कोई और काम नहीं होता. बेगुनाह लोगो को मौत के घाट उतारने के बाद वो खुद को बादशाह समझने लगते है. लेकिन यह भूल जाते है कि हर गुनाह की सजा एक दिन जरुर मिलती है. हाल ही में एक मामला सामने आया है काबुल से जहाँ मासूम लोगो को मौत के घाट उतार दिया.

दरअसल काबुल में एक गुरुद्वारे पर हमला किया गया जिसमें 27 लोगो की मौत हो गयी थी. इस हमले में सिखों के अलावा अन्य धर्म के लोग भी शामिल थे. जिसके बाद उनके अंतिम संस्कार के समय 24 घंटे के अंदर दुवारा क्रीमेशन ग्राउंड से 50 मीटर की दूरी हमला किया गया. जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया. हमले के बाद भारत ने इस मसले पर चिंता जताई है.

वहीं दूसरी तरह विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा क्रीमेशन साइट के नजदीक धमाके की खबर से चिंतित हूं.  हमारा दूतावास काबुल के सुरक्षा अधिकारियों के साथ संपर्क में है. मैंने उन्हें क्रीमेशन साइट और घर लौटते वक्त उपयुक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा है. हालाँकि इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है. लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि गुरुद्वारे पर हमला आईएसआई की मदद से हक्कानी और लश्कर-ए-तैयबा ने की थी.

गौरतलब है अफगानिस्तान में 300 से भी कम सिख परिवार रहते है और वो लोग भी डर डर के वहां रह रहे है. इससे पहले भी वहां रहने वाले सिखों को धमकी दी गयी थी. जिसके बाद 2018 में भी 19 सिख लोगो की मौत हो गयी थी. जिसकी जिम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट ने ली थी. गौरतलब है इस्लामिक देशो में भारतीयों के साथ गलत भेदभाव किया जाता रहा है.