अपनी दादी की बनाई पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस के लिए कही ये बात

564

18 सालों तक कांग्रेस का साथ निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया आज उस पार्टी में शामिल हो गए जिसकी स्थापना करीब 40 साल पहले उनकी दादी राजमाता स्वर्गीय विजया राजे सिंधिया ने की थी. विजय राजे सिंधिया पहले जनसंघ से जुडी और फिर जब जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी का उदय हुआ तो वो भाजपा की संस्थापक सदस्य रही.

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में प्रवेश के साथ ही अब समस्त सिंधिया परिवार भाजपाई हो गया. ज्योतिरादित्य सिंधिया की दो बुआ यशोधरा राजे सिंधिया और वसुंधरा राजे सिंधिया पहले से ही भाजपा की सदस्य हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया को आज नई दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भाजपा परिवार में जगह देने के लिए धन्यवाद कहा.

सिंधिया ने कहा ‘मेरे जीवन में दो दिन ऐसे आए, जिन्होंने मेरा जीवन बदल दिया. पहला 30 सितंबर 2001, जिस दिन मैंने अपने पिता को खोया. दूसरी तारीख 10 मार्च 2020, जो उनकी 75वीं वर्षगांठ थी, इसी दिन मैंने तय किया कि मुझे किस मार्ग पर आगे बढ़ना है.’ उन्होंने कहा, ‘ मेरा मानना है कि हमारा उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए. मेरे पिताजी और मैंने हमेशा इसी पर काम किया.’ कांग्रेस का जिक्र करते हुए सिंधिया ने कहा कि ‘मेरा मन बहुत व्यथित है. कांग्रेस अब वह पार्टी नहीं है, जिसकी स्थापना हुई थी.’

इससे पहले पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा ने इस दौरान कहा कि राजमाता सिंधिया जी ने भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की स्थापना और विस्तार करने में बड़ी भूमिका निभाई थी. आज उनके पौत्र हमारी पार्टी में आए हैं.जेपी नड्डा ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया परिवार के सदस्य हैं, ऐसे में हम उनका स्वागत करते हैं.