Markandey Katju के सरेआम फिर बिगड़े बोल

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भारतीय सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया (पीसीआई) के चेयरमैन रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू अपने बयानों के कारण कई बार विवादों में घिर चुके हैं और इस बार फिर एक बयान दिया है जिसे कोई डाइजेस्ट नहीं कर पायेगा..दरअसल एक स्कूल के एनुअल फंक्शन में गए  मार्कंडेय काटजू ने पत्रकारों से बातचीत में सभी नेताओं को चोर,ठग ,गुंडे हत्यारा और डकैत कहा ..उन्होंने कहा की इस चुनाव में गठबंधन की ही सरकार बनने जा रही है..और इसके बाद ही मुसलमानों पर हो रही लिंचिंग की घटनाएं ख़त्म होंगी ..उनके बातें यही नहीं रुकी उसके बाद जब उनसे पुलवामा मुद्दे पर बात की तो उन्होंने कहा कि एयर स्ट्राइक को भाजपा अपने फायदे के लिए यूज़ कर रही है ..आगे बात बढ़ाते हुए उन्होंने कहा की इमरान खान ने जो बयान दिया था पुलवामा के बाद वो काबिले तारीफ था ..और मैंने उनके बयान कि तारीफ भी की थी..हमला जैश इ मुहम्मद ने किया उसका क्या सबूत है ..उसके केवल मन लेने से वह जिम्मेदार नहीं हो जाता है …पाकिस्तान में बैठे ऐसे संगठन शोहरत बटोरने के लिए और डोनेशन लेने के लिए जिम्मेदारी ले लेते है..और बोलते बोलते वो ये भी बोल गये कि अगर मुझे कोई दस करोड़ दे तो मैं भी जिम्मेदारी ले लूँगा पुलवामा की..

इसके बाद जब राम मंदिर के निर्माण के उपर उनसे जब सवाल पूछा तो उन्होंने कहा की भाजपा अपने राजनितिक फायदे के लिए इसे जिन्दा रख रही है अगर वाल्मीकि रामायण के अनुसार हम देखे तो राम भगवन नहीं थे ..और जब राम भगवन नहीं थे तो मंदिर क्यों बनना चाहिए ...सोच कर भी बड़ा अजीब लगता है ..जिस देश ने और जिस देश के सविधान उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायधीश बनने का मौका दिया उन्हें उसी देश के लोकतंत्र पर भरोषा नहीं है उन्होंने कहा की नेता जनता को जाति के नाम पर बटकर अपना उल्लू सीधा करते है..इसलिए मुझे भारतीय लोकतंत्र में मुझे विश्वास नहीं है..मैंने आजतक ना मतदान किया और नहीं ही करूँगा…ये कोई पहली बार करी हुए बयान बाज़ी नहीं है उनकी जो सुखियों में आई है..

इससे पहले भी तंज कसते हुए CM योगी को कई अन्य शहरों के भी नाम बदलने का suggestion दिया था उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया था ..और लिखा था ..कि बाबर की औलादों के नामों से छुटकारा पाने के लिए फैजाबाद का नरेन्द्र मोदीपुर और मुरादाबाद का नाम मनकीबातनगर, कर दो…  इनका और एक चर्चित बयान हम आपको याद दिलाते है ये वही जस्टिस काटजू है जिन्होंने अपने एक सेमिनार में कहा था कि 90 % भारतीय बेबकूफ होते है जो धर्म के नाम पर बहुत easily बेह्कबे में आ जाते है..ये तो उन के कुछ चाँद बयान है जो हम आपको बता रहे है ..उनके लिए ऐसी बयान बाज़ी करना कोई बड़ी बात नहीं है..जिस संविधान के वजह से ये माननीय सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने…आज उसी संविधान के बारे में ऐसी ओछी बातें कह रहे है। इनको समझना चाहिए कि एक जिम्मेदार पड़ से सेवानिवृत्त हुए है।

ऐसे बयानों से विदेशों में देश की छवि धूमिल तो होती ही है। साथ मे देश विरोधी ताकतों का मनोबल बढ़ता है। देश के अंदर चुनाव के वक़्त ऐसी उट पटांग बातें करना, माहौल खराब कर सकता है। ऐसी बे सिर पैर की बयान बाजी से इन्हें बचना चाहिए.. जिस संविधान के वजह से ये माननीय सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने…आज उसी संविधान के बारे में ऐसी ओछी बातें कह रहे है। इनको समझना चाहिए कि एक जिम्मेदार पद से सेवानिवृत्त हुए है.. ऐसे बयानों से विदेशों में देश की छवि धूमिल तो होती ही है। साथ मे देश विरोधी ताकतों का मनोबल बढ़ता है। देश के अंदर चुनाव के वक़्त ऐसी उट पटांग बातें करना, माहौल खराब कर सकता है..ऐसी वे सिर पैर की बयान बाजी से इन्हें बचना चाहिए