जेएनयू में वीर सावरकर मार्ग का बोर्ड देख बौखलाए वामपंथी, कर डाली शर्मनाक हरकत

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JNU कैम्पस में एक सड़क का नाम स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के नाम पर रखे जाने के बाद विवाद शुरू हो गया. यूनिवर्सिटी के वामपंथी छात्र संगठनों ने इसका कड़ा विरोध किया. बात सिर्फ विरोध तक ही सिमित नहीं रही बल्कि रात के अंधेरे में बोर्ड पर से सावरकार का नाम मिटा कर उसपर आंबेडकर का नाम लिख दिया गया.

हालाँकि सोशल मीडिया पर कुछ और भी तस्वीरें वायरल हो रही है जिसमे ये देखा जा सकता है कि सावरकर के नाम को मिटा कर आंबेडकर का नाम तो लिखा ही गया साथ ही बोर्ड पर मोहम्मद अली जिन्ना का एक पोस्टर भी चिपका लिया. ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते.

जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष ने ट्वीट कर लिखा, ‘हम एक माफ़ी मांगने वाले और अंग्रेज़ों के ऐसे चमचे को नहीं स्वीकार कर सकते जिसने हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया. हमें उनका सम्मान करना चाहिए जिन्होंने हमें संविधान दिया.’

जेएनयू अक्सर पढ़ाई के बदले विवादों के लिए चर्चा में रहता है. ऐसे घटनाएं वहां पहली बार नहीं हो रही है. इस एपहले जब वजह फीस वृद्धि के खिलाफ आन्दोलन हो रहा था तब स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को क्षतिग्रह्त करने की कोशिश की गई थी. प्रतिमा के नीच अभद्र और आपत्तिजनक नारे लिख दिए गए थे. वामपंथ का आखिरी गढ़ जेएनयू राष्ट्रवादी विचारधारा को बर्दास्त नहीं कर पाती और ऐसी हरकतों पर उतर आती है.