बागी विधायकों को मनाने बेंगलुरु गए थे कमलनाथ के मंत्री जीतू पटवारी लेकिन खुद पड़ गए मुश्किल में

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ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को हिला दिया. दिल्ली में बैठे कांग्रेस आलाकमान ने सिंधिया की ताकत को भांपने में गलती कर दी. यही बावाज है कि सिंधिया जब पार्टी से निकले तो उनके पीछे पीछे 20 विधायक भी निकल गए और कमलनाथ सरकार वेंटिलेटर पर पहुँच गई. हालाँकि इन सब के बीच कमलनाथ का कहना है कि उनकी सरकार को कोई ख’तरा नहीं है. उनके विधायक लौट आयेंगे.

लेकिन बड़ा सवाल ये है कि कब लौटेंगे? यही सवाल का जवाब ढूँढने कमलनाथ के जीतू पटवारी बेंगलुरु पहुंचे. मिशन था नाराज विधायकों को मना कर घर वापसी करवाना. इससे पहले जब 3 मार्च को कांग्रेसी विधायक नाराज होकर गुड़गांव आ गए थे तब भी जीतू पटवारी ने विधायकों को मनाने में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन इस बार हालात अलग है.

विधायकों को मनाने बेंगलुरु पहुंचे जीतू पटवारी खुद मुश्किल में पड़ गए. मध्य प्रदेश के 22 बागी विधायकों से मिलने बेंगलुरु गए मंत्री जीतू पटवारी को कर्नाटक पुलिस ने गुरुवार को हिरा’सत में ले लिया. यहां के रिसॉर्ट में सिंधिया गुट के विधायक ठहरे हुए हैं. बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी ने जब बागी विधायकों से मिलने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोका. इसके बाद जीतू पटवारी ने पुलिस के साथ बद’सलू’की की और फिर पुलिस ने उन्हें हिरा’सत में ले लिया.

अपने संकटमोचक मंत्री की गिरफ्तारी से कांग्रेस बौखला गई और पार्टी ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया. कांग्रेस का कहना है कि अगर हमारे मंत्री को नहीं छोड़ा गया तो हम कोर्ट जायेंगे.