अमित शाह को क्यों “दयालु गृह मंत्री” बोल गये मोदी सरकार के बड़े मंत्री! जानिये दिलचस्प वजह

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सरकार बोल रही है कि जम्मू कश्मीर से स्थिति सामान्य है लेकिन अभी भी कुछ लोग रह-रहकर ये बात उठाते रहे हैं कि अभी भी जम्मू कश्मीर में स्थिति सामान्य नही हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में, इंटरव्यू में इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं कि जम्मू कश्मीर में सब ठीक है. स्थिति सामान्य है लेकिन आखिर मोदी के मंत्री ने ही अमित शाह को क्यों कह दिया ‘दयालु गृह मंत्री’?

दरअसल नेशनल कांफ्रेंस सांसद हसनैन मसूदी ने सवाल उठाते हुआ दावा किया था कि जम्मू कश्मीर में अभी भी स्थिति सामान्य नही है. सरकार जम्मू कश्मीर में जो सामान्य स्थिति होने का दावा कर रही है, वह सच्चाई से दूर है. धारा 370 हटाए जाने के बाद कारोबार प्रभावित हो गये हैं. इसी पर जवाब देते हुए मोदी सरकार के मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में विशेष दर्जे संबंधी अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के बाद प्रदेश में स्थिति आमतौर पर शांतिपूर्ण रही है और इंटरनेट पर रोक लगाने से अनेक अप्रिय घटनाओं को रोकने में मदद मिली है.

जम्मू के स्थानीय नेताओं की गिरफ्तारी या हिरासत के आरोपों पर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि नजरबंदी की असली परिभाषा तो वह है जब जवाहरलाल नेहरू की सरकार के समय शेख अब्दुल्ला को हिरासत में लेकर 2000 किलोमीटर दूर कोडइकोनाल में रखा गया था. उन्होंने गृह मंत्री अमिह शाह को ‘‘दयालु गृह मंत्री’’ बताते हुए जम्मू कश्मीर में नेताओं की गिरफ्तारी से संबंधित नेशनल कांफ्रेंस सदस्य मसूदी के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया.

जितेन्द्र सिंह ने बताया कि जम्मू कश्मीर में इन्टरनेट पर पाबंदी लगाये जाने के से वहां पर कई आंतकी घटनाओं को रोकने और शान्ति बनाये रखने में कामयाबी मिली है. संविधान के अंतर्गत 854 केंद्रीय कानून हैं लेकिन इनमें से प्रदेश में करीब 200 कानून ही लागू हो रहे थे. पहले भ्रष्टाचार निवारक कानून लागू नहीं था, बाल विवाह पर रोकथाम संबंधी कानून लागू नहीं था, दहेज पर रोकथाम संबंधी कानून लागू नहीं था और गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून लागू नहीं था.

तो जितेन्द्र सिंह ने जवाहरलाल नेहरु द्वारा शेख अब्दुला के साथ किये व्यवहार की अपेक्षा मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कश्मीरी नेताओं के साथ किये गये व्यवहार की तुलना करते हुए अमित शाह को “दयालु गृह मंत्री” कहा.