झारखंड में हो गया एकदम से बड़ा उलटफेर, सब रह गए सन्न

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झारखण्ड में हुए विधानसभा चुनाव परिणाम में बड़ा उलटफेर हो गया. 81 सीटों वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों से सत्ता फिसल गई. अब तक सामने आये परिणामों में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेतृव वाली महागठबंधन 42 सीटें हासिल करती दिख रही है. आपको बता दें कि बहुमत के लिए 41 सीटों की जरूरत है जबकि भाजपा 29 सीटों पर सिमटती दिख रही है.

 अब तक सामने आये परिणामों को देख कर लगता है कि अपने सहयोगी आजसू से अलग हो कर अकेले चुनाव लड़ना भाजपा को भारी पड़ गया. झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल भी शामिल है. लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा को ये तीसरा झटका लगा है. महाराष्ट्र में उसके हाथ से सत्ता छिटक चुकी है. हरियाणा में भी भाजपा बहुमत से दूर रह गई थी. भले ही दुष्यंत चौटाला की मदद से सरकार बन गई हो लेकिन हरियाणा के नतीजे भी भाजपा के लिए चौकाने वाले थे. अब झर्कह्न्द भाजपा के हाथ से निकल गया.

मार्च 2018 में 21 राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगियों की सरकार थी लेकिन दिसंबर 2019 आते-आते यह आंकड़ा सिमटकर 15 राज्यों तक पहुंचता दिख रहा है. सबसे ख़ास बात ये है कि 7 महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में इन सभी राज्यों में भाजपा ने शानदार सफलता हासिल की थी.

भाजपा के मुख्यमंत्री रघुबर दास खुद अपनी सीट जमशेदपुर ईस्ट से पीछे चल रहे हैं. सीएम रघुबर दास के सामने सरयू राय हैं. सरयू राय उन्हीं की सरकार में मंत्री थे लेकिन उन्होंने बगावत करते हुए रघुबर दास को चुनौती दी और अब वो आगे भी चल रहे हैं. जेएमएम की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन दो सीटों दुमका और बरहेट से मैदान में थे. वो दोनों ही सीटों से आगे चल रहे हैं.