जेट की हार में है इन कंपनियों की जीत

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आपने कभी bussiness में उतार  चढ़ाव देखा है… वैसे देखा ही होगा.. लेकिन बहुत कम ऐसे cases होते हैं जिनमें कोई  कंपनी आसमान को छूते छूते अचानक जमीन पर गिर जाती है… आज कल आपने सुना ही होगा जेट एयरवेज के बारेमें…. कैसे एयरलाइन के साम्राज्य में एक छत्र राज करते करते आज कर्ज़ में इतना डूब चुका है कि इसके पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे तक नहीं बचें…कुछ रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा है कि जेट एयरवेज का भविष्य अब कर्जदाताओं पर ही टिका है…

इस बीच इसके competitors को राहत मिली और एक exposure भी खुद को no.1 पर लाने की… वहीं देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी indigo आसमान पर राज करने की तरफ जा रही है, क्योंकि इसकी competitor एयरलाइन jet airways की बर्बादी का सबसे ज्यादा फायदा इसे ही मिलने वाला है… एक bussiness एग्जिक्युटिव ने बताया, ‘सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी को सर्वाधिक फायदा मिलेगा….इसलिए इंडिगो को एयर ट्रैफिक का एक बड़ा हिस्सा मिलेगा… साथ ही, आने वाले महीनों और वर्षों में इसकी क्षमता में विस्तार की योजना है….’

हालांकि पीडब्ल्यूसी के पार्टनर धीरज माथुर ने कहा है कि जिसके पास ज्यादा विमान और चालक दल होंगे, उसको सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा……इंडिगो के पास वर्तमान में 200 विमानों का बेड़ा है और यह रोजाना 1,400 उड़ानों का परिचालन करती हैं…….. ये उड़ानें 53 घरेलू और 18 अंतरराष्ट्रीय गंतव्य स्थानों के लिए हैं….घरेलू बाजार में इसकी बाजार हिस्सेदारी 43.4 फीसदी है और इसके बेड़े की विस्तार योजना काफी प्रगतिशील है….

वैसे अगर डोमेस्टिक मार्केट  में क्षमता और प्रेजेंट मार्केट हिस्सेदारी की बात करें तो स्पाइसजेट दूसरी सबसे ज्यादा फायदे में रहने वाली एयरलाइन कंपनी रहेगी, जबकि अन्य एयरलाइंस को उनके मौजूदा बेड़े के आकार और बाजार हिस्सेदारी के अनुसार लाभ मिलेगा…..

ऐसा कहा जा रहा है कि स्पाइसजेट के बाद एयर इंडिया, गो एयर, विस्तारा, एयर एशिया व अन्य जैसी विमान सेवा कंपनियों को लाभ मिल सकता है….सस्ती विमानसेवा कंपनी स्पाइसजेट घरेलू बाजार में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 13.7 फीसदी है….इसके बेड़े में 48 बोइंग 737, 27 बोंबारडियर क्यू-400 और एक बी-737 मालवाहक विमान हैं….

वैसे एयरलाइन्स का कहना है कि वह दो सप्ताह से कम समय में 27 विमान अपने बेड़े में शामिल करेंगी…. बेड़े के आकार और बाजार हिस्सेदारी की बात करें तो एयर इंडिया फायदा उठाने वाली तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है, लेकिन उड्डयन क्षेत्र के जानकारों एयरलाइन द्वारा इतनी जल्दी अपने बेड़े में विमानों की संख्या बढ़ाने को लेकर संदेह है….

वैसे भी जब कोइ वेल स्टैब्लिश bussiness गिरती है या बंद होती है तो उसके COMPETITORS के लिए फायदा होता है… लेकिन इसके साथ साथ जिम्मेदारियां और वर्क प्रेशर भी बढ़ जाता है… जिसके वजह से सर्विस की QUALITY  घटती जाती है….अब देखते है कि जेट एयरवेज के डूबने के बाद इसके COMPETITORS अपनी क्वालिटी को मेंटेन रखते हैं….