जदयू बड़े पैमाने पर शुरू करने जा रही है चुनाव प्रचार, दलित के बीच जायेंगे जदयू के बड़े नेता

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आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ग’ह’मा’ग’ह’मी तेज हो गई है. बिहार चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी अपनी कमर कस ली है. हर पार्टी अपने हिसाब से अपने वोटर्स को साधने में लगी है. बिहार में चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी ने बिहार के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन किया है. दूसरी तरफ सीएम नीतीश कुमार ने भी बिहार वालों के लिए कई तोहफे दिए है. लेकिन अब बिहार चुनाव में जाती समीकरण को साधने की तैयारी हो रही हैं.

बिहार चुनाव में अब नीतीश की पार्टी ने अपने नेताओं को चुनाव साधने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के बीच जदयू के दलित नेता जायेंगे.आरजेडी ने अक्टूबर के महीन में बड़े पैमाने पर प्रचार शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. इसे अंतिम रूप 26 सितंबर को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषि देव के आवास पर होने वाली बैठक में फैसला लिया जायेगा.

बैठक को संबोधित करते हुए भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि ‘नीतीश सरकार में द’लि’तों को हर क्षे’त्र में आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किये गये हैं. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नीतीश सरकार में किये गये कामों की जानकारी आम मतदाताओं तक पहुंचाना जरूरी है. उन्होंने इसके लिए यो’जना’’ब’द्ध तरीके से प्रचार अभियान चलाने के मुद्दे पर चर्चा की.’

 योजना एवं विकास मंत्री सह उद्योग विभाग के मंत्री महेश्वर हजारी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा की वो दलितों के नेता है और उन्होंने दलित समाज के लिए बहुत सारे काम किये है. उन्होंने आगे कहा की कोई दलित के घर में पैदा होने से दलित नहीं हो जाता है. उन्होंने दलित लोगों से एक अपील भी की है की वो सीएम नीतीश कुमार का हाँथ इस चुनाव में मजबूत करें.