बाल ठाकरे के सामने भी नहीं झुकीं जिद्दी जया, अमिताभ ने किया बचाव

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आपने वो गाना तो सुना ही होगा, “के आय हाय तेरी बिंदिया रे”  जिसमे एक नयी नवेली दुल्हन बनारसी साड़ी में लिपटी नज़रे झुकाए अपने पति का गाने में साथ दे रही है… वहीँ एक और गाना याद आया मुझे, “मैंने कहा फूलों से हँसो तो वो खिलखिला कर हँस दिए?” इस गाने में जो चुलबुली और हसमुख सी लड़की पीली साड़ी में है कितनी प्यारी है ना..

खैर आप पहचान तो गए ही होंगे कि दोनों गानों में एक ही लड़की है. बस दोनों के किरदार अलग अलग है … वैसे इनका नाम जया बच्चन है…… किसी जमाने में ये जया भादूरी हुआ करती थीं… फिर अमिताभ बच्चन से शादी हो गई…. और उन्होनें अपने पति का सरनेम अपने नाम में जोड़ लिया.. .. हां! मुझे पता है कि आज की जया और इस जया में काफी अंतर है… वैसे उम्र का तकाजा है जनाब.. खैर हम इसपर बात ही नहीं करेंगे …

आज तो हम जया बच्चन की ज़िंदगी के उन पहलुओं पर चर्चा करेंगे जो उनको ख़ास बनाते हैं…

सबसे पहले उनके करियर को थोड़ा टटोल लेते है

जया बच्चन के पिता तरुण कुमार भादुड़ी पेशे से पत्रकार थे… साथ- साथ अच्छा लिखते भी थे… इस वजह से कई कलाकारों से उनकी जान- पहचान भी थी.

जया बच्चन कई बार अपने पापा के साथ घूमने जाती थीं… कहते है इसी दौरान उनकी मुलाक़ात सत्यजीत राय से हुई थी.. तब वह एक बंगाली फिल्म की शूटिंग कर रहे थे… फिल्म का नाम था निर्जम साकेत… और उसकी हीरोईन थी शर्मीला टैगोर… वैसे इस फिल्म में एक 12- 13 साल की बच्ची को caste करना था… सत्यजीत राय ने जया के पिता से बात की… और फिर उन्हें उस फिल्म में काम करना पड़ा… हालांकि जया पहले इससे खुश नहीं थी लेकिन बाद में उनको अच्छा लगा…

और इसी चक्कर में उन्होंने खेल- खेल me IIFT का फॉर्म भर दिया था और उनका selection भी हो गया… जया का कोर्स खत्म होते- होते उन्हें फिल्म भी ऑफर की गई थी. और कोर्स ख़त्म होने के बाद उन्हें गोल्ड मैडल से नवाज़ा गया था.

अब आपको बताते हैं कि जया की शादी अमिताभ बच्चन से कैसे हुई.

बात कुछ ऐसी है… 70 के दशक के शुरूआती दिनों में अमिताभ बच्चन का करियर कुछ ठीक नहीं चल रहा था… लोगों को लग रहा था कि वो एक फ्लॉप एक्टर हैं… सलीम- जावेद की लिखी फिल्म में अमिताभ को साइन तो किया गया लेकिन कोई बड़ी हीरोइन उनके साथ काम करने को तैयार नहीं थी… जया ने फिल्म में काम किया… इस फिल्म का नाम था ‘ज़ंजीर.’

इस फिल्म के दौरान जया, अमिताभ बच्चन और उनके दोस्तों का लन्दन जाने का प्लान बना… तो हुआ कुछ ऐसा था कि फिल्म ज़ंजीर के सफल होने के बाद वो उसके celebration के लिए लन्दन जा रहे थे… सारी प्लानिंग हो चुकी थी… अमिताभ ने अपने पेरेंट्स को बताया कि वो एक लड़की के साथ ट्रिप पर जा रहे हैं… मम्मी- पापा को बात ठीक नहीं लगी, उन्होंने कहा कि जाना ही है तो शादी करके जाओ… अमिताभ ने कहा क्या दिक्कत है, हो जाएगी शादी. उन्होंने जया को फोन किया और सारी बातें बता दीं… जया उस वक्त कलकत्ता में एक बंगाली फिल्म की शूटिंग कर रही थीं… पहले तो वो अमिताभ की बात सुनकर चौंक गई… फिर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में मम्मी- पापा से बात करनी पड़ेगी… और फिर सब मान गए.

3 जून, 1973 को जया और अमिताभ की शादी हो गई… लेकिन बेचारे ट्रिप पर नहीं जा पाए क्योंकि अमिताभ ‘ज़ंजीर’ की सक्सेस के बाद स्टार बन गए… उन्हें बहुत सारा काम मिलने लगा और वो उसमें बिज़ी हो गए.

वैसे हम आपको एक बात और बताना चाहेंगे कि सिलसिला फिल्म के बाद आखिर क्यों जया ने फिल्मों से दूरी बना ली… क्या रेखा, अमिताभ और जया ट्रायंगल के कारण ऐसा हुआ था?

तो जनाब ऐसा कुछ नहीं है… बात दरअसल यह है कि जब सिलसिला फिल्म की शूटिंग हो रही थी तब जया की बेटी श्वेता बहुत छोटी थी… उन्होंने बात-बात में जया से यह कह दिया कि माँ आप शूटिंग के लिए ना जाया करो. इसलिए जया ने फिल्मों से दूरी बना ली.

और जब तक उनके बच्चे बड़े नहीं हुए तब तक उन्होंने फिल्मों में वापसी नहीं की. और फिर 2000 के दशक में उन्हें फिर से सिल्वर स्क्रीन पर देखा गया… आपको भी याद होगा कि इतने वक़्त ने उन्हें लीड actress से, माँ के रूप में बदल दिया… जैसे कि कभी ख़ुशी कभी गम, कल हो ना हो, लगा चुनरी में दाग और द्रोण… इसके अलावा उन्होंने एक बांग्लादेशी फिल्म ‘मेहरजान’ में भी काम किया था… आखिरी बार वो फिल्म ‘की एंड का’ में गेस्ट रोल में नज़र आई थीं.

आपने यह अक्सर सुना होगा की जया बच्चन मिजाज़ से गुस्सैल हैं… और जिद्दी भी… अगर अलग भाषा में कहें तो सिद्धांतों की काफी पक्की हैं वो… आपको याद होगा कि  साल 2004 में जया ने राजनीति में अपना हाथ आज़माया और समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद बन गईं… 2008 में फिल्म ‘द्रोणा’ का म्यू़ज़िक लॉन्च हो रहा था… यहां पर पहले बोलने आए फिल्म के डायरेक्टर गोल्डी बहल. उन्होंने अपनी सारी बात अंग्रेज़ी में कही… अगली बारी जया की थी… उन्होंने माइक पकड़ते ही कहा,

‘हम यूपी के लोग हैं, इसलिए हिंदी में बात करेंगे. महाराष्ट्र के लोग माफ करिए.’

इस बात से महाराष्ट्र के कुछ नेता आहत हो गए… इस बात से  जया को बहुत आलोचना झेलनी पड़ी… महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे एक कदम आगे बढ़ गए… उन्होंने कहा कि इस बात में महाराष्ट्र के लोगों को लाने की कोई जरूरत नहीं थी… उन्होंने कहा जब तक जया अपने इस बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगी तब तक अमिताभ बच्चन की फिल्मों को रिलीज़ नहीं होने दिया जाएगा… उस समय अमिताभ की फिल्म ‘द लास्ट लीयर’ सिनेमाघरों में चल रही थी… जया के इस बयान के करण विरोध में थिएटरों पर हमले किए जाने लगे… लेकिन जया ने भी ठान लिया था कि वो माफी तो नहीं मांगेंगी… बाद में जया के इस बयान के लिए अमिताभ बच्चन ने माफी मांगी…

वैसे जया बच्चन की एक एक और ज़िद  की कहानी मशहूर है…

बात कुछ ऐसी है कि 1972 में जया एक फिल्म की शूटिंग कर रहीं थी… फिल्म का नाम था एक नज़र… इस फिल्म में जया बच्चन का रेप का सीन था…. जिसे करने से उन्होंने मना कर दिया था… डायरेक्टर ने जाया को इस सीन का डिस्क्रिप्शन दिया, और कहा कि सीन में कपड़े भी फाड़े जाएंगे… इस बात पर जया गुस्से से झल्ला गई… और सीन करने से मना कर दिया… डायरेक्टर ने धमकी दी की फिल्म रूक जाएगी… जाया ने बोला रोक दो… डायरेक्टर ने फिर धमकाया आर्टिस्ट असोसिएशन में शिकायत लगाएंगे… जया के तरफ से जवाब आया जो मन में आए कर लीजिए. फिल्म की शूटिंग रुक गई. दो दिन बीत गए कोई अपडेट नहीं.

दो दिन तक फिल्म की शूटिंग रुकी रही उसके बाद… फिर बीच- बचाव के लिए अमिताभ बच्चन को आना पड़ा… अमिताभ ने जया को समझाया कि यह सीन पहले से ही सबको पता था… फिल्म साइन करने से पहले ये सब सोचना था… . जया को बात तो समझ आई लेकिन वो कपड़ा नहीं फाड़ने वाली बात पर अब तक अड़ी हुई थीं. हुआ भी वैसा ही. डायरेक्टर ने कहा आपको जैसे चाहें वैसे शूट करें. हम बाद में एडिटिंग में देख लेंगे. इस सीन की शूटिंग में जो एक्टर इनका रेप कर रहा था, जया ने उसे सही में बहुत मारा. फिल्म के फाइनल कट में जया के कपड़े सिर्फ कंधे पर ही फटे हुए थे.

यह कुछ अनसुनी सी बातें थीं जो जया बच्चन के बारे में और उनकी निडर पर्सनालिटी के बारे में बताती हैं.